
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: मेला अस्पताल से गंभीर मरीज को एम्स दिल्ली ले जा रही एक एम्बुलेंस को बीच रास्ते में रोककर यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों और उनके साथियों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि आरोपियों ने एम्बुलेंस चालक को खींचकर बाहर निकाल लिया और मरीज तक को बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान एम्बुलेंस में मौजूद परिजन घबरा गए और शोर मचाने लगे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एम्बुलेंस के शीशे तोड़ने का प्रयास किया और चालक को भविष्य में जान से मारने की धमकी भी दी।
जमालपुर कला निवासी भंवर सिंह शनिवार को करीब 11 बजे मेला अस्पताल से मरीज और उसके तीन परिजनों को लेकर दिल्ली एम्स के लिए रवाना हुआ था। जैसे ही वह इमरजेंसी गेट से बाहर निकला तो यूनियन से जुड़े अमित शर्मा और उसके दो साथियों ने एम्बुलेंस रोकने का प्रयास किया। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण चालक वहां से निकल गया।
लेकिन बहादराबाद टोल प्लाजा पर पहुंचते ही चालक की एम्बुलेंस को यूनियन के अध्यक्ष विजय राणा, कोषाध्यक्ष अमित शर्मा, सचिव उदित शर्मा और करीब 15–20 साथियों ने घेर लिया। चालक का आरोप है कि आरोपियों ने बेरहमी से उसे बाहर खींचा और मरीज को भी बाहर निकालने लगे। मरीज को ऑक्सीजन लगी थी, ऐसे में परिवारजन चीख-पुकार करने लगे।
आरोपियों ने एम्बुलेंस के शीशे तोड़ने के लिए मुक्कों से प्रहार भी किए। इस दौरान टोल कर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। चालक ने 112 नंबर पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। आरोपियों ने एम्बुलेंस की चाबी तक छीनने का प्रयास किया और धमकी दी कि आगे भी एम्बुलेंस फूंक देंगे और चालक को जान से मार देंगे।
पीड़ित चालक का कहना है कि टोल प्लाजा कर्मियों के सहयोग से ही वह किसी तरह मरीज को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो पाया, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पीड़ित ने नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर यूनियन पदाधिकारियों अमित शर्मा, उदित शर्मा और विजय राणा सहित अन्य पर कठोर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। शहर कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



