“भाजपा नेता के आगे पुलिस-प्रशासन और एचआरडीए बेबस, सील तोड़कर फिर शुरू हुआ अवैध निर्माण..
एफआईआर के बावजूद दुस्साहस पर उठ रहे सवाल, बार-बार प्राधिकरण की सील टूट रही या प्रशासन की साख..?

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: हरकी पैड़ी क्षेत्र में भाजपा नेता के अवैध निर्माण का मामला अब कानून और व्यवस्था पर सीधा सवाल बन गया है। पुलिस-प्रशासन और हरिद्वार-ऋषिकेश विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की कार्रवाई के बावजूद भाजपा नेता का दुस्साहस थमने का नाम नहीं ले रहा।
प्राधिकरण की ओर से दो बार सील लगाए जाने और सील तोड़ने पर एफआईआर दर्ज होने के बाद भी एक बार फिर सील तोड़कर अवैध निर्माण शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर शाम मौके पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल सामग्री के सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कानून का खौफ या सत्ता का नशा…?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सील तोड़ने पर पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है, तो दोबारा वही हरकत कैसे की जा रही है। क्या एचआरडीए के पास इतना अधिकार नहीं कि वह बलपूर्वक अवैध निर्माण रुकवा सके, या फिर सत्ता के रसूख के आगे पूरा सिस्टम बेबस नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आम नागरिकों के छोटे निर्माण पर तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन प्रभावशाली नेताओं के मामलों में नियम-कानून सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाते हैं। यही वजह है कि हरकी पैड़ी जैसे संवेदनशील और धार्मिक क्षेत्र में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
एचआरडीए की साख दांव पर…..
बार-बार सील टूटने की घटनाओं ने एचआरडीए की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। शहर में चर्चा है कि यदि इस बार भी ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला “कानून के ऊपर सत्ता” की एक और मिसाल बन जाएगा। अब देखना यह है कि प्राधिकरण और पुलिस इस बार सिर्फ एफआईआर तक सीमित रहते हैं या फिर अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर अपनी साख बचाने की कोशिश करते हैं।



