उत्तराखंड

“उत्तराखंड में बारिश-भूस्खलन से तबाही, एक ही परिवार के पांच सदस्यों समेत आठ की मौत, आठ लापता..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने उत्तराखंड में तबाही मचाई है। चमोली, रुद्रप्रयाग, नई टिहरी और बागेश्वर जिलों में गुरुवार देर रात अतिवृष्टि के चलते भूस्खलन की कई घटनाएं हुईं। इसमें अब तक एक ही परिवार के पांच लोगों समेत कुल आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि आठ लोग लापता बताए जा रहे हैं।बागेश्वर में पांच की मौत……
बागेश्वर जिले के पोसारी गांव में देर रात भारी भूस्खलन से एक मकान मलबे में समा गया। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई।चमोली में दंपती की मौत
वहीं, चमोली के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में भूस्खलन से एक आवासीय मकान ढह गया। इस हादसे में दंपती की मौत हो गई।रुद्रप्रयाग में महिला की जान गई, आठ लापता….
रुद्रप्रयाग जिले के बड़ेथ डुंगर तोक में भूस्खलन ने कहर बरपाया। यहां एक महिला की मौत हो गई, जबकि आठ लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाल के चार मजदूर भी शामिल हैं।नदियां उफान पर, हाईवे बंद…..
भारी बारिश के चलते प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। पौड़ी के श्रीनगर में अलकनंदा नदी का पानी बदरीनाथ हाईवे तक पहुंच गया। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह भूस्खलन से अवरुद्ध हैं। हल्द्वानी-भीमताल हाईवे भी रानीबाग के पास मलबा आने से बंद हो गया है।देहरादून में सात वर्षीय बच्चे का शव मिला….
देहरादून में दूधली के खट्टा पानी क्षेत्र में सुसवा नदी उफान पर है। यहां नदी में बहे सात वर्षीय बालक का शव शुक्रवार सुबह बरामद हुआ।राहत-बचाव में जुटीं टीमें…..
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें राहत-बचाव कार्य में लगी हैं। पहाड़ी इलाकों में मलबा हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चल रहा है।

हरिद्वार में जलभराव, स्कूल बंद….
हरिद्वार में मूसलधार बारिश से शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई इलाकों में जलभराव हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पांच जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।मुख्यमंत्री ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश…..
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने शुक्रवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए।

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