“अंकिता भंडारी हत्याकांड व बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के खिलाफ देहरादून की सड़कों पर उतरा सुराज सेवा दल, (देखें वीडियो)..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर शनिवार को देहरादून में सुराज सेवा दल के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने किशन नगर चौक से घंटाघर तक मार्च निकालते हुए भाजपा सरकार का पुतला दहन किया और दोनों मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सुराज सेवा दल के कार्यकर्ता किशन नगर चौक पर एकत्र हुए, जहां से नारेबाजी करते हुए घंटाघर तक पैदल मार्च किया गया। कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर लगातार हो रही हत्याओं
और उत्पीड़न को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस अवसर पर बांग्लादेश सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।
संगठन ने हाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल वीडियो में सामने आए तथाकथित “वीआईपी एंगल” को लेकर भी गहरी चिंता जताई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की गंभीर परीक्षा है और इसका संपूर्ण सच जनता के सामने आना चाहिए।
सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहा अत्याचार मानवता पर कलंक है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
वहीं, उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सामने आ रहे वीआईपी एंगल को लेकर निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावशाली व्यक्तियों से मुक्त जांच की मांग की, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
संगठन का स्पष्ट कहना है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं और अंकिता भंडारी हत्याकांड में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
सुराज सेवा दल ने केंद्र और राज्य सरकार से दोनों ही मुद्दों पर पारदर्शी व ठोस कार्रवाई करने की मांग की, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शन में रमेश जोशी, देवेंद्र बिष्ट, कावेरी जोशी, पूजा बिष्ट, पूजा नेगी, लक्ष्मी, विपिन, कमल धामी, हिमांशु, विजेंद्र, राजेश थापा, मोनू, कुणाल, यश, शिवम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



