हरिद्वार

ग्राम पंचायत किशनपुर जमालपुर में गड़बड़ी का मामला गरमाया..! जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन..

पंच👊नामा
रुड़की: ग्राम पंचायत किशनपुर जमालपुर में विकास कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इसको लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर रुड़की ब्लॉक में धरना प्रदर्शन किया और एबीडीओ को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन के दौरान ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सचिन चौहान को तत्काल हटाया जाए जाने की मांग के साथ ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने 9 और 10 मार्च को जल्दबाजी में 9.5 लाख रुपये का भुगतान किया, जो नियमों के खिलाफ है। ग्रामीणों ने कहा कि बिना किसी मेजरमेंट और रिकॉर्ड के नया भुगतान दिखाया गया, जो घोटाले की ओर इशारा करता है। जनप्रतिनिधि ने कहा 5 महीनों से ग्राम सभा की कोई बैठक नहीं हुई, जिससे जनहित के कार्य ठप पड़े हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना कार्य कराए मजदूरों को फर्जी तरीके से भुगतान किया गया। धरना प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे।दरअसल ग्राम पंचायत के पद से संबंधित मामला उच्च न्यायालय नैनीताल में विचाराधीन था और 7 मार्च 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली ने निर्वाचित ग्राम प्रधान परवीन बानो के पक्ष में फैसला सुनाया था। बताया गया है कि 8 और 9 मार्च को अवकाश था, लेकिन प्रार्थिया ने 8 मार्च की शाम को ही एडीओ पंचायत रुड़की और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को व्हाट्सएप के माध्यम से आदेश की प्रति भेज दी थी। इसके बावजूद, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (ग्राम पंचायत सचिव) सचिन चौहान ने 9 और 10 मार्च को करीब 9.5 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। आरोप है कि 9 मार्च, रविवार को छुट्टी के दिन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने एक नई फॉर्म फीड की और 53 नए मजदूरों को सूची में जोड़ा गया। इन 53 मजदूरों ने 400 मीटर सड़क निर्माण में कार्य किया दिखाया गया, जबकि मौके पर ऐसा कोई कार्य हुआ ही नहीं। यह भी आरोप है कि भुगतान उप प्रधान और कुछ खाताधारकों की मिलीभगत से किया गया, जिससे गांव में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामवासियों ने मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सचिन चौहान को तत्काल हटाया जाए।

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