
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: दूधियाबंद के जंगल में मिले बिजनौर निवासी अधेड़ के ब्लाइंड मर्डर का हरिद्वार पुलिस ने राजफाश कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के महिला से अवैध संबंध थे और वह महिला पर पति व परिवार छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था। इससे परेशान महिला ने पति के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। पुलिस कप्तान नवनीत सिंह के निर्देश पर खुलासे में जुटी पुलिस ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 17 सितंबर की सुबह दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में एक व्यक्ति का शव मिला था। मृतक के पास बिजनौर की बस का टिकट मिला, लेकिन पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने आसपास के जिलों में संपर्क कर शिनाख्त के प्रयास किए। 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान गोपाल निवासी बिजनौर के रूप में की। इसके बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आया कि अस्पताल में इलाज के दौरान गोपाल की महिला से जान-पहचान हुई थी। बाद में दोनों के बीच संबंध बन गए। गोपाल महिला पर पति और परिवार छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था और धमकियां भी दे रहा था। परेशान महिला ने इसकी जानकारी अपने पति नरेंद्र को दी। इसके बाद नरेंद्र ने पत्नी, अपने भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। 16 सितंबर की रात महिला गोपाल को हरिद्वार बुलाकर गंगा घाट ले गई। वहां शराब पीने के बाद जब गोपाल सो गया तो आरोपियों ने चापड़ और छुरी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मोबाइल और पर्स गंगा में फेंक दिया गया।
21 सितंबर को पुलिस ने नरेंद्र और उसकी पत्नी को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त लोहे का चापड़ भी बरामद किया है। मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।पुलिस टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक नंद किशोर ग्वाड़ी, उप निरीक्षक नवीन सिंह चौहान, नवीन नेगी, खेमेंद्र गंगवार, अंशुल अग्रवाल, अपर उप निरीक्षक संदीप वर्मा, हेड कांस्टेबल संजय कुमार पाल, सतीश नौटियाल, कांस्टेबल अजीत तोमर, निर्मल, राकेश कुमार, पवन और महिला कांस्टेबल शोभा शामिल रहे। सहयोगी टीम में सीआईयू प्रभारी नरेंद्र बिष्ट और कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।



