“गंगा की लहरों में जिंदगी खत्म करने चली थी महिला, श्यामपुर पुलिस ने मौत के मुंह से खींच निकाला..!
बचाए जाने पर पुलिस से ही नाराज हो गई महिला, नाम-पता बताने से करती रही इनकार, मानसिक रूप से परेशान महिला को काउंसलिंग और उपचार के बाद परिजनों से मिलाया..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार;एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर हरिद्वार पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और तत्परता का एक और उदाहरण सामने आया है।
जिंदगी से निराश होकर गंगा की लहरों में समाने चली महिला को श्यामपुर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। हैरानी की बात यह रही कि जान बचाए जाने के बाद भी महिला पुलिस से नाराज थी और बार-बार आत्महत्या करने की बात कह रही थी।
अपना नाम-पता तक बताने को तैयार नहीं थी, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। काउंसलिंग, उपचार और सोशल मीडिया के जरिए परिजनों की तलाश का सिलसिला जारी रखा और आखिरकार मथुरा में उसके परिवार का पता लगाकर बिछड़ी महिला को अपनों से मिला दिया।
कोतवाली श्यामपुर प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे मामले में मानवीय संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय दिया। महिला को चौकी लाने के बाद उसकी काउंसलिंग कर समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह मानसिक रूप से परेशान प्रतीत हो रही थी।
वह अपना नाम-पता और अन्य जानकारी बताने से लगातार इनकार कर रही थी। यहां तक कि खुद को बचाए जाने पर नाराजगी जताते हुए बार-बार जान देने की बात दोहरा रही थी।
पुलिस ने महिला की स्थिति को देखते हुए उसे अपने संरक्षण में लिया। उसे भोजन कराया गया और प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। दूसरी ओर, उसकी पहचान और परिजनों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। आसपास के जनपदों में भी संपर्क साधकर महिला के परिवार का पता लगाने के प्रयास लगातार जारी रखे गए।
पुलिस की मेहनत आखिरकार रंग लाई और महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया। महिला के पति दलवीर सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट भरतिया, थाना बलदेव, जनपद मथुरा (उत्तर प्रदेश) ने उसकी पहचान रंजिता के रूप में की। पति ने पुलिस को बताया कि रंजिता मानसिक रूप से अस्वस्थ है और 4 नवंबर को बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। इसके बाद से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे।
महिला की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने उसे वन स्टॉप सेंटर, रानीपुर में सुरक्षित रखवाया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद रंजिता को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
श्यामपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल ने न केवल एक अनमोल जिंदगी बचाई, बल्कि कई दिनों से परेशान परिवार को भी उसकी खुशियां लौटा दीं। स्थानीय नागरिकों का सहयोग भी इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम साबित हुआ।



