“किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू तोमर ने डीएम को सौंपा मांगपत्र, 10 मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग..
ओवरलोडिंग पर रोक से लेकर गन्ने के ₹600 प्रति कुंतल भाव और बारिश से प्रभावित फसलों के मुआवजे तक उठाई आवाज..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; क्षेत्र के किसानों और आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित को मांगपत्र सौंपा है। संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष सुमित उपाध्याय ने पत्र में क्षेत्र की गंभीर समस्याओं का उल्लेख करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
मांगपत्र में पुरकाजी से नारसन बॉर्डर की ओर शाम के समय लकड़ी, बुरादा और ईंट से लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आवागमन का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने ऐसे वाहनों की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। वहीं झबरेड़ा में नगर पंचायत द्वारा आबादी क्षेत्र, कृषि भूमि और रेलवे स्टेशन के सामने कूड़ा डालने की तैयारी पर रोक लगाने व आबादी और कृषि भूमि से दूर स्थान निर्धारित करने की मांग की गई।
भगवानपुर क्षेत्र की फैक्ट्रियों का पानी शिला खाला में छोड़े जाने से फसलों को हो रहे नुकसान की जांच और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने, इकबालपुर शुगर मिल पर वर्ष 2018-19 का लंबित गन्ना भुगतान कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा उल्हेड़ा चौकी के पीछे आम के हरे पेड़ों की कटाई पर रोक, लंढौरा, लक्सर और खानपुर क्षेत्र की रबर फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण की जांच, मंगलौर के मोहल्ला पठानपुरा में बिजली और जल निकासी की समस्या के समाधान की मांग उठाई गई।
मांगपत्र में गांवों में बिजली विभाग की कार्रवाई के दौरान अनावश्यक पुलिस बल के प्रदर्शन पर रोक लगाने तथा शांतिपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने, किसानों की बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ने का भाव ₹600 प्रति कुंतल निर्धारित करने और हाल की भारी बारिश से प्रभावित गन्ना, धान सहित अन्य फसलों का सर्वे कर पात्र किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी शामिल है। सुमित उपाध्याय ने जिलाधिकारी से सभी मामलों का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है।



