
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; रामलीला में भगवान श्रीराम की लीला देखने पहुंचे थे या हुड़दंग मचाने, यह सवाल शिवगढ़ में उस वक्त खड़ा हो गया, जब कुछ युवकों ने आयोजन के दौरान हंगामा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो पथरी पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए नौ युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया गया कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सतर्कता बरत रही है। इसी क्रम में थाना पथरी पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम शिवगढ़ में आयोजित रामलीला के दौरान कुछ युवक हुड़दंग मचा रहे हैं और शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और रामलीला में उपस्थित अन्य लोगों ने युवकों को समझाकर शांत कराने की काफी कोशिश की, लेकिन युवक लगातार हंगामा करने पर उतारू रहे। ऐसे में मौके पर शांति व्यवस्था भंग होने और किसी संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने नियमानुसार सभी नौ युवकों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, सभी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई की जद में आए नौ युवकों में आठ ग्राम धारीवाला के निवासी हैं, जबकि एक युवक ग्राम शिवगढ़ का रहने वाला है। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान मुकुल (22), जतिन चौहान (19), अमरीश (26), विशाल (20), शुभम (19), आकाश (20), मनीष कुमार (21), विनीत कुमार (19) और अभिषेक (23) के रूप में हुई है। सभी थाना पथरी क्षेत्र, जनपद हरिद्वार के निवासी हैं।
थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार का हुड़दंग, हंगामा या अशांति फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई में अपर उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, कांस्टेबल जितेन्द्र पुंडीर, कांस्टेबल सुरेश रावत, कांस्टेबल सोहन राणा, होमगार्ड अजय कुमार और होमगार्ड इन्छाराम शामिल रहे।



