अपराधहरिद्वार

लूट की फर्जी कहानी गढ़कर फंसा फाइनेंस कर्मी..! गूगल मैप टाइमलाइन ने खोली पोल, पुलिस ने 24 घंटे में किया भंडाफोड़..

पंच👊नामा
रुड़की: झबरेड़ा में फाइनेंस कर्मचारी द्वारा लूट की झूठी कहानी गढ़ना उसे भारी पड़ गया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस फर्जी वारदात का भंडाफोड़ कर न सिर्फ सच्चाई उजागर की, बल्कि कथित रूप से लूटी गई रकम भी बरामद कर ली। पुलिस ने आरोपी कर्मचारी पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी हरकत दोहराने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फाइल फोटो: पुलिस कंट्रोल रूम

दरअसल अरुण कुमार पुत्र विजेंद्र, निवासी ग्राम जौली डिडोला, थाना नागल, जिला हरिद्वार ने पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर सूचना दी कि मोलना-खजूरी रोड पर तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने उसके साथ मारपीट कर 54,000 रुपये से भरा बैग लूट लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर थाना झबरेड़ा प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की।

फाइल फोटो: इंस्पेक्टर अजय सिंह

जब पुलिस ने अरुण कुमार के बयान को गहराई से जांचा तो इसमें कई संदेहास्पद बातें सामने आईं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अरुण के मोबाइल फोन के गूगल मैप टाइमलाइन डाटा की जांच की। इस डाटा से यह साफ हुआ कि अरुण कुमार द्वारा बताए गए घटनाक्रम और उसकी वास्तविक लोकेशन में भारी अंतर था।सख्ती से पूछताछ करने पर अरुण कुमार ने कबूल किया कि उसे पैसों की जरूरत थी और उसने खुद यह साजिश रची थी। उसने बताया कि शिवपुर मोलना बेहड्की गांव से 54,000 रुपये का कलेक्शन करने के बाद, लालच में आकर उसने खुद ही अपनी मोटरसाइकिल गेहूं के खेत में गिरा दी। इसके बाद उसने अपने मैनेजर, एरिया मैनेजर और पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर लूट की झूठी सूचना दी। हालांकि, जांच में पता चला कि अरुण कुमार ने असल में यह रकम पहले ही बेहड्की के एक ग्राहक अमरेश के पास सुरक्षित रख दी थी। जब पुलिस ने अमरेश से पूछताछ की, तो उसने बताया कि अरुण ने खुद ही उसे यह बैग रखने के लिए कहा था।
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पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई….झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने और संसाधनों की बर्बादी कराने के अपराध में अरुण कुमार के खिलाफ धारा 83 पुलिस एक्ट के तहत 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। उसे चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी हरकत करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस टीम का सराहनीय कार्य…
इस सफल जांच अभियान में इन पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
1:- प्रभारी निरीक्षक थाना झबरेड़ा, अजय सिंह
2:- वरिष्ठ उपनिरीक्षक – संजीव चौहान
3:- नितिन बिष्ट (चौकी प्रभारी इकबालपुर)
4:- हेड कांस्टेबल, रामवीर
5:- कांस्टेबल – रणवीर

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