
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: ज्वालापुर क्षेत्र में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हरिद्वार पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे रह रही बांग्लादेशी महिला का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से बांग्लादेश मूल के दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इस पूरे प्रकरण में एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने महिला को शरण देने और फर्जी कागजात तैयार कराने में मदद की थी।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के सख्त निर्देशों पर जनपद भर में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत यह कार्रवाई की गई। सत्यापन अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने ज्वालापुर क्षेत्र में दबिश देकर इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया।
प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी के नेतृत्व में कोतवाली ज्वालापुर पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने वैष्णवी एन्क्लेव के पास छापेमारी कर एक महिला को हिरासत में लिया, जो अपना नाम बदलकर रह रही थी।
पूछताछ में उसने अपना असली नाम सालेहा बेगम निवासी कुमीला, बांग्लादेश बताया। महिला ने खुलासा किया कि वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए श्यामदास की मदद से वह भारत आई और निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी यहीं रहकर फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे कई अहम दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवा लिए थे। पुलिस ने इस साजिश में सहयोग करने वाले छत्तीसगढ़ निवासी श्यामदास को भी गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भी तलाश में जुटी है।
पुलिस टीम (ज्वालापुर): प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी, उप निरीक्षक अंशुल अग्रवाल, महिला उप निरीक्षक सोनल रावत, कांस्टेबल मनोज डोभाल, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार।एलआईयू टीम: उप निरीक्षक सुरेश शाह, हेड कांस्टेबल मंशा राम।



