हरिद्वार

“लालढांग में पुल की 25 साल पुरानी मांग, बरसात में बढ़ जाती है ग्रामीणों की मुश्किल..

राज्य आंदोलनकारी दीपक उप्रेती ने सरकार से की पहल की मांग, बोले- पुल बनने से सुरक्षित होगी आवाजाही और क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार..

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार/लालढांग। लालढांग क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग करीब 25 साल बाद भी पूरी नहीं होने से ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। खासकर बरसात के दौरान नदी और बरसाती रास्तों का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के साथ स्कूली बच्चों को स्कूल भेजने में भी परेशानी उठानी पड़ती है। राज्य आंदोलनकारी एवं समाजसेवी और लालढांग क्षेत्र के मूल निवासी दीपक कुमार उप्रेती ने प्रदेश सरकार से लंबे समय से लंबित पुल निर्माण की मांग पर गंभीरता से पहल करने की मांग की है।दीपक उप्रेती ने कहा कि पिछले करीब ढाई दशक में प्रदेश में कई सरकारें आईं, लेकिन लालढांग की मूलभूत समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षित आवागमन के लिए पुल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। बरसात में रास्तों पर पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पुल के अभाव में सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। कई बार जलस्तर बढ़ने पर लोगों को जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ता है। ऐसे में किसी हादसे की आशंका बनी रहती है।उप्रेती ने कहा कि पुल बनने से लालढांग क्षेत्र के कई गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होने के साथ स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिल सकता है। ग्रामीणों को आने-जाने में समय और परेशानी से राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से स्थलीय निरीक्षण कराकर पुल की व्यवहार्यता का परीक्षण करने और प्रस्ताव को जल्द आगे बढ़ाने की मांग की। कहा कि क्षेत्रवासियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुल निर्माण की दिशा में धरातल पर कार्रवाई का इंतजार है।

Advt.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advt.
Back to top button
error: Content is protected !!