“क्वांटम यूनिवर्सिटी व अभिप्रेरणा फाउंडेशन मिलकर करेंगे नेक काम, हरिद्वार में ग्रामीण विकास को मिलेगा नया आयाम..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के उद्देश्य से क्वांटम यूनिवर्सिटी और अभिप्रेरणा फाउंडेशन ने वर्ष 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। मार्च 2026 के अंतिम पड़ाव पर ‘पहल कार्यक्रम’ के अंतर्गत हुए इस समझौते को सामाजिक विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल शिक्षा के प्रसार, स्वच्छता एवं साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने, कंप्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने, पौधारोपण अभियान चलाने और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगी। इसके साथ ही युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
समारोह के दौरान क्वांटम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. विवेक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा से सामाजिक दायित्वों को प्राथमिकता देता रहा है और इस साझेदारी के माध्यम से शिक्षा और तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। रजिस्ट्रार डॉ. अमित दीक्षित और डायरेक्टर डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने भी इस पहल को समाज के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।
वहीं अभिप्रेरणा फाउंडेशन के सचिव डॉ. दीपेश चंद्र प्रसाद ने कहा कि संस्था लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय है और अब विश्वविद्यालय के सहयोग से इन प्रयासों को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कोषाध्यक्ष पिंकी प्रसाद और सदस्य मेहताब आलम ने भी इस पहल को समाज के कमजोर वर्गों के लिए लाभकारी बताया।
इस अवसर पर डॉ. बृज मोहन, पहल कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ. अमित सैनी सहित दोनों संस्थाओं की पूरी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि संयुक्त प्रयासों से हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में ठोस और स्थायी बदलाव लाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साझेदारी न केवल सामाजिक विकास को गति देती है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाती है।



