प्रशासन ने सरकारी जमीन से हटवाया मजार, फिर कैसे बन गई प्राइवेट दीवार…?? क्या धाकड़ धामी सुनेंगे गुहार..?
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर सवाल, हिंदू क्रांति दल के नेता चरणजीत पाहवा ने की कार्रवाई की मांग, (देखें वीडियो)..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: ज्वालापुर में हरिलोक कॉलोनी सराय रोड स्थित सिंचाई विभाग की सरकारी संपत्ति को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, प्रशासन ने कुछ महीने पहले इस जमीन से मजार तो हटवा दिया। लेकिन अब इसी जमीन पर दीवार खड़ी कर दी गई है जिसको लेकर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
हिंदू क्रांति दल ने एक बार फिर से आंदोलन का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कार्रवाई की मांग की है।
हिंदू क्रांति दल के नेता चरणजीत पाहवा ने बताया कि वर्ष 2013 से इस जमीन को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन और शिकायतें की जाती रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध मजार को हटवाया था।
इसके बाद सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर अपनी जमीन पर स्पष्ट रूप से बोर्ड लगाने और बाउंड्री कराने की मांग की गई थी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का कब्जा न हो सके। कुछ समय बाद सिंचाई विभाग ने वहां अपनी जमीन का बोर्ड भी लगा दिया था।
हाल ही में 5–10 दिन पहले अचानक कुछ लोगों ने सिंचाई विभाग के नाले के ऊपर आधी जमीन पर बाउंड्री कर दी। इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि अगर यह जमीन निजी थी तो इतने वर्षों तक किसी ने दावा क्यों नहीं किया और अब अचानक बाउंड्री क्यों की गई। साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि सिंचाई विभाग का बोर्ड पहले जिस स्थान पर लगा था, वह अब बाउंड्री के दूसरी तरफ कैसे पहुंच गया।
चरणजीत पाहवा ने इस पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन, एसडीएम, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और मुख्यमंत्री कार्यालय में दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जमीन सरकारी है या निजी।
हिंदू क्रांति दल ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन का प्रतिनिधिमंडल जिला अधिकारी से मुलाकात कर बड़ा आंदोलन करेगा। पाहवा ने कहा कि सरकारी संपत्तियों पर कब्जा रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।



