“सुराज सेवादल ने पूछा, “धामी राज में भ्रष्टाचार पर ये कैसी जीरो टॉलरेंस, गबन के मामले में छह माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई..
रमेश जोशी की चेतावनी, कार्रवाई नहीं हुई तो 19 मई को पंचायत राज अधिकारी कार्यालय पर होगा उग्र प्रदर्शन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: लक्सर विकासखंड की ग्राम पंचायत अकौड़ा खुर्द में सामने आए कथित भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के मामले में छह माह बाद भी प्रभावी कार्रवाई न होने पर सुराज सेवादल ने सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को शिकायती पत्र भेजते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार उजागर होने, एफआईआर दर्ज होने और कर्मचारियों के निलंबन के बावजूद आरोपितों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुराज सेवादल की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत अकौड़ा खुर्द में हुए भ्रष्टाचार की जांच जिला पंचायत राज विभाग ने कराई थी। जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप सैनी को 10 अक्तूबर 2025 को निलंबित कर दिया गया था। आरोप है कि निलंबन के अगले ही दिन 12 अक्तूबर 2025 को ग्राम पंचायत खाते से सीसी रोड निर्माण सामग्री के नाम पर करीब 4.65 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई।
शिकायत के अनुसार ओमपाल के खेत से धर्मवीर के घर तक सीसी रोड निर्माण, मदन चौधरी के घर से सेठपाल के खेत तक सड़क और रामपाल के घर से ओमपाल के खेत तक सीसी रोड निर्माण के नाम पर अलग-अलग भुगतान किए गए। आरोप लगाया गया कि यह पूरी प्रक्रिया मिलीभगत और भ्रष्टाचार के तहत अंजाम दी गई।
मामले में सहायक विकास अधिकारी पंचायत, लक्सर द्वारा 17 नवंबर 2025 को लक्सर कोतवाली में तहरीर देकर निलंबित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप सैनी, निलंबित ग्राम प्रधान बसंती देवी, प्रधान पति पवन कुमार और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज तो की, लेकिन उसमें केवल भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 318(4) ही लगाई गईं।
रमेश चंद्र जोशी ने आरोप लगाया कि एफआईआर के बाद विभागीय स्तर पर मामले की मजबूत पैरवी नहीं की गई और न ही विवेचना अधिकारी को पूरे प्रकरण के तथ्य उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि छह माह बीतने के बावजूद न तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गईं और न ही किसी आरोपित की गिरफ्तारी हुई। इससे यह संदेश जा रहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति केवल भाषणों तक सीमित नजर आ रही है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सुराज सेवादल 19 मई को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय पर उग्र प्रदर्शन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



