
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: पॉश इलाके में तमंचे के बल पर युवक से स्कूटी, मोबाइल और नगदी लूटकर फरार हुए चार युवकों को रानीपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने धर दबोचा। हैरत की बात यह रही कि भविष्य संवारने की उम्र में इन युवकों ने अपराध का रास्ता चुन लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई स्कूटी, मोबाइल, पर्स, नगदी, देशी तमंचा, जिंदा कारतूस और चाकू बरामद किया है। आरोपी लूटी गई स्कूटी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसका इस्तेमाल कर रहे थे।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने रानीपुर कोतवाली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीते 23 मई की रात सिडकुल से अपने घर लौट रहे सीतापुर निवासी सौरभ सती को चिन्मय डिग्री कॉलेज के पास चार स्कूटी सवार युवकों ने रोक लिया था।
आरोपियों ने तमंचा दिखाकर उसे आतंकित किया और उसकी स्कूटी, मोबाइल फोन, पर्स व पांच हजार रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल रानीपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे।
रानीपुर कोतवाल मनोहर भण्डारी और एसओजी प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने पुराने अपराधियों से पूछताछ करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर गहन पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि
आरोपी वारदात के दौरान मुख्य मार्गों के बजाय गली-मोहल्लों के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे उनके स्थानीय होने की आशंका मजबूत हुई। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और 31 मई की रात रेगुलेटर पुल के पास चार संदिग्ध युवकों को स्कूटी सहित हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ और वाहन की जांच के दौरान स्कूटी पर लगी नंबर प्लेट फर्जी निकली। इंजन और चैसिस नंबर का मिलान करने पर पुष्टि हुई कि यह वही स्कूटी थी जो लूट की घटना में छीनी गई थी। तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से
पीड़ित का मोबाइल फोन, पर्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो हजार रुपये नकद, एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपी दोबारा किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में निकले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कार्तिक सैनी (20 वर्ष) निवासी ऋषिकुल, शिवांश उर्फ विलन (21 वर्ष) निवासी वेद सिटी अहमदपुर ग्रांट, लक्की (19 वर्ष) निवासी सिया कॉलोनी राजा गार्डन तथा वंश चंचल (20 वर्ष) निवासी राजू नगर बस अड्डा, हरिद्वार के रूप में हुई है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर भण्डारी, उपनिरीक्षक चरण सिंह, उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल, कांस्टेबल विवेक गुसाईं, प्रेम सिंह दानू, हरीश राणा, उदय चौहान और नवीन क्षेत्री शामिल रहे। एसओजी टीम में प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल वसीम, हरवीर, दीप गौड़, नरेंद्र तथा उमेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सफल खुलासे पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए इसे ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया।



