
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशील दून पुलिस ने नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि युवकों ने नाबालिग और उसकी परिचित युवती को बहला-फुसलाकर शराब पिलाई और नशे की हालत का फायदा उठाकर नाबालिग के साथ यौन अपराध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए कोतवाली ऋषिकेश में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने आवश्यक साक्ष्य संकलन, पूछताछ और अन्य तथ्यों के आधार पर प्रकाश में आए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बहन अपनी परिचित एक युवती के साथ आईडीपीएल क्षेत्र में गई थी। आरोप है कि वहां कुछ युवकों ने दोनों को बहला-फुसलाकर शराब पिलाई और नाबालिग के अत्यधिक नशे में होने की स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ अश्लील हरकत एवं यौन अपराध किया। तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस ने इस मामले में शिवम उर्फ शुभम, गोविन्द और दीपक उर्फ डीपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर शराब पिलाने और उसके अत्यधिक नशे की हालत में उसके साथ दुष्कर्म करने की घटना स्वीकार करने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में सम्बंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में 19 वर्षीय शिवम उर्फ शुभम निवासी इब्राहिमपुर, रामपुर रुड़की, 21 वर्षीय गोविन्द निवासी ग्राम श्यामनगर, सुनहैरा व 20 वर्षीय दीपक उर्फ डीपी निवासी ग्राम सुनहैरा, रुड़की शामिल हैं। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी, उपनिरीक्षक राजकुमार, महिला उपनिरीक्षक ज्योति तथा कांस्टेबल सौरभ वालिया शामिल रहे।



