
पंच👊नामा
रुड़की: पतंगबाजी का सीजन शुरू होने से पहले ही प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक युवक की जान ले ली। लक्सर-रुड़की मार्ग पर नगला इमरती के पास सोमवार देर शाम चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार दीपक (27) की गर्दन कट गई। गंभीर रूप से घायल दीपक को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के शिकारपुर गांव निवासी दीपक किसी काम से रुड़की आया था। देर शाम बाइक से वापस लौटते समय सड़क पर फैला मांझा अचानक उसकी गर्दन में उलझ गया। बाइक की रफ्तार के कारण मांझा गर्दन में तेजी से खिंचा और गहरा घाव कर गया। हादसे में दीपक बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा।
आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। हर साल चाइनीज मांझे से कटकर मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि जानलेवा मांझा बेचने वाले कारोबारियों के साथ-साथ इस्तेमाल करने वालों पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब पतंगबाजी का मुख्य सीजन अभी शुरू भी नहीं हुआ है, तब चाइनीज मांझा सड़क तक कैसे पहुंच गया। हादसा यह संकेत भी दे रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे की उपलब्धता पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। आशंका है कि कुछ दुकानदारों ने इसे पहले से ही बिक्री के लिए रखा हो या कुछ लोगों ने पतंगबाजी के लिए पहले से खरीदकर रख लिया हो।
ऐसे में कार्रवाई केवल चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों तक सीमित रखने से समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है। पुलिस और प्रशासन को यह भी पता लगाना होगा कि प्रतिबंधित मांझा खरीदकर उसका इस्तेमाल कौन कर रहा है। दुकानों की जांच के साथ ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई जरूरी है, जो प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल कर राहगीरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।



