हरिद्वार

“शादाब शम्स की पहल से वक्फ संपत्तियों में बदलाव, 4512 कब्रिस्तान बना हाईटेक मॉडल..

वाईफाई और सीसीटीवी से लैस हुआ ज्वालापुर का कब्रिस्तान, आधुनिक प्रबंधन की दिशा में नई पहल..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; वक्फ संपत्तियों की तस्वीर अब सिर्फ कब्जामुक्त कराने और संरक्षण तक सीमित नहीं रहने वाली है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की पहल पर इन संपत्तियों को आधुनिक सुविधाओं और तकनीक से जोड़ने की कवायद भी तेज हो गई है। इसी बदलाव की एक नई तस्वीर ज्वालापुर में सामने आई है, जहां वक्फ संख्या 4512 के कब्रिस्तान को वाईफाई और सीसीटीवी कैमरों जैसी हाईटेक सुविधाओं से लैस कर आधुनिक प्रबंधन की दिशा में एक नया मॉडल तैयार किया गया है।उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के नेतृत्व में वक्फ संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने के साथ-साथ उनके बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए जा रहे हैं। लंबे समय से चली आ रही पारंपरिक व्यवस्थाओं से आगे बढ़ते हुए अब वक्फ संपत्तियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल की जा रही है।ज्वालापुर स्थित वक्फ संख्या 4512 कब्रिस्तान की प्रबंध समिति का गठन वक्फ बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष शादाब शम्स की अध्यक्षता में किया गया था। इसके बाद पार्षद अहसान अंसारी की अध्यक्षता वाली प्रबंध समिति ने कम समय में कब्रिस्तान की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।साफ-सफाई, आवागमन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के बाद अब प्रबंध समिति ने तकनीकी व्यवस्थाओं की ओर भी कदम बढ़ाया है। कब्रिस्तान परिसर में वाईफाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे परिसर की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।आधुनिक निगरानी व्यवस्था से जहां असामाजिक तत्वों पर नजर रखने में मदद मिलेगी, वहीं कब्रिस्तान की संपत्ति और यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा भी पहले से बेहतर हो सकेगी। तकनीक के इस्तेमाल से व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी यह एक अहम कदम माना जा रहा है।बताया जा रहा है कि वाईफाई और सीसीटीवी जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होने वाला यह उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का पहला कब्रिस्तान है। प्रबंध समिति का मानना है कि वक्फ संपत्तियों को केवल संरक्षित रखने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना समय की जरूरत है।वक्फ संख्या 4512 कब्रिस्तान में किए जा रहे विकास और आधुनिकीकरण के कार्यों को वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि ज्वालापुर का यह मॉडल भविष्य में अन्य वक्फ संपत्तियों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है और वहां आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का रास्ता खोल सकता है।

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