
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; कनखल के बैरागी कैंप क्षेत्र में देर रात एक अनियंत्रित कार ने तीन गायों को कुचल दिया, जिससे तीनों गोवंश की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि हादसे से जुड़ा व्यक्ति कथित तौर पर समाजसेवी है और सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाकर नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाता रहा है। हालांकि, हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था और घटना के लिए जिम्मेदार कौन है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
तीन गायों की मौत, फिर भी खामोशी क्यों….?
घटना के बाद हिंदू संगठनों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर अक्सर मुखर रहने वाले संगठनों की ओर से इस मामले में अब तक कोई बड़ा विरोध या गिरफ्तारी की मांग सामने नहीं आई है।
खामोशी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि घटना कनखल में हुई है, जहां कई प्रमुख मठाधीश, संत और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोग निवास करते हैं। इसके बावजूद तीन गोवंश की मौत पर कोई मुखर प्रतिक्रिया सामने न आना सवाल खड़े करता है।
क्या आक्रोश भी पहचान देखकर तय होता है…?
गोवंश से जुड़े मामलों में अक्सर सड़क से सोशल मीडिया तक तीखा विरोध देखने को मिलता है। ऐसे में सवाल है कि इस घटना में वैसा आक्रोश क्यों नहीं दिख रहा? क्या विरोध घटना देखकर होता है या आरोपी की पहचान देखकर?



