“दयालबाग में कृषि सेवा और रक्षाबंधन का अनूठा संगम..
संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, सेवा-सत्संग और आत्मीयता के बीच मना भाई-बहन के प्रेम का पर्व..

पंच👊नामा
ज्योति एस. आगरा: दयालबाग में शुक्रवार का सवेरा सेवा, समर्पण और भाई-बहन के अटूट प्रेम के रंगों से सराबोर नजर आया। एक ओर नहर के उत्तर दिशा में मूंग की निराई-गुड़ाई के लिए बड़ी संख्या में लोग कृषि सेवा में जुटे रहे, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के पावन पर्व ने पूरे वातावरण को आत्मीयता और उल्लास से भर दिया। संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस अवसर को और भी यादगार बना दिया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह कृषि सेवा का आयोजन किया गया। भाई-बहनों और संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों समेत उपस्थित लोगों ने अपने निर्धारित कार्यों में सहभागिता करते हुए कृषि सेवा को सुचारु रूप से संपन्न किया। खेतों में श्रम और सेवा के साथ सत्संग की भावना का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसमें सामूहिकता और समर्पण की झलक साफ दिखाई दी।
कृषि कार्य के दौरान रक्षाबंधन के पर्व को भी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रेमी बहन राजकुमारी जी ने परम पूज्य गुरु महाराज प्रोफेसर प्रेम सरन सत्संगी साहब और परम आदरणीय रानी साहिबा जी को तिलक लगाकर राखी बांधी। इसके बाद परम आदरणीय रानी साहिबा जी ने प्रेमी भाई गुरुदेव सहाय (राजा जी) को तिलक कर राखी बांधी। इस भावपूर्ण पल ने उपस्थित लोगों के बीच प्रेम, अपनत्व और प्रसन्नता का विशेष माहौल बना दिया।
प्रातःकालीन कृषि सेवा के बीच संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों ने रक्षाबंधन की भावना से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों के उत्साह और सहज अभिव्यक्ति से सजी प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने पूरे आनंद और रुचि के साथ देखा तथा उनका उत्साहवर्धन किया।दयालबाग में नियमित रूप से चल रहे कृषि सेवा, एग्रोइकोलॉजी-कम-प्रिसीजन फार्मिंग, सामूहिक सहभागिता और सत्संग के कार्यों के बीच रक्षाबंधन का यह आयोजन एक अलग ही अनुभूति लेकर आया। खेतों में सेवा के साथ रिश्तों की डोर मजबूत करने वाले इस पर्व और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल में अतिरिक्त आत्मीयता, उल्लास और प्रसन्नता घोल दी।



