
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; शेयर मार्केट और IPO में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों को लाखों रुपये की साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह पर उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी चोट की है। एसटीएफ की साइबर टीम ने करीब ₹68 लाख की ठगी के दो मामलों में अहम कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सदस्यों राकेश कुमार रजक और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई को पश्चिम बंगाल के जिला 24 परगना से गिरफ्तार किया है। जांच में ठगी की रकम में से ₹27.20 लाख आरोपी के बैंक खाते में पहुंचने के साक्ष्य मिले हैं, जबकि उक्त खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें भी दर्ज पाई गई हैं।
एसटीएफ कप्तान अजय सिंह के निर्देश पर साइबर क्राइम पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच करते हुए बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ीं और आखिरकार आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्हें देहरादून लाया गया।
एसटीएफ के अनुसार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने स्वयं को अमेरिका और भारत के शेयर मार्केट से जुड़ा हुआ बताकर शिकायतकर्ता को शेयर मार्केट और IPO में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया। आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 16 अक्टूबर 2025 से 18 नवंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹47,63,537 जमा करा दिए। वहीं, पटेलनगर से एसटीएफ को हस्तांतरित एक अन्य मुकदमे में भी इसी तरह शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर अधिक लाभ का झांसा देकर अक्टूबर 2025 में शिकायतकर्ता से ₹18,54,900 विभिन्न बैंक खातों में जमा कराए गए।
विवेचना के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में Bank of Baroda के ‘RAJAK & COMPANY’ नामक खाते की भूमिका सामने आई, जिसका संबंध गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया। जांच में पता चला कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम इस खाते में पहुंचाई गई और बाद में RTGS समेत अन्य माध्यमों से अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। दोनों मामलों में उक्त खाते में क्रमशः ₹15 लाख और ₹12.20 लाख, यानी कुल ₹27.20 लाख की रकम ट्रांसफर होना पाया गया। इतना ही नहीं, खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिलने से इसके साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने की आशंका को भी बल मिला है।
एसटीएफ को आरोपियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण डिजिटल कड़ी भी हाथ लगी है। गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार रजक के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन की जांच में सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई के साथ हुई WhatsApp चैट मिली। चैट के विश्लेषण में बैंक खाते की नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और उसके बदले कमीशन की रकम लेने से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य भूमिका निभाता था। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और ठगी की रकम की बरामदगी के लिए विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है। वहीं, शिकायतकर्ता की ₹12 लाख की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है।
जनता से STF की अपील…
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, IPO अथवा ऑनलाइन निवेश में अत्यधिक मुनाफे का लालच देने वाले अज्ञात लोगों के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान लिंक, मोबाइल नंबर या बैंक खाते में रकम भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
गिरफ्तार आरोपी…
1:- राकेश कुमार रजक (40 वर्ष) निवासी वेस्ट बरानगर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल।
2:- सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई (32 वर्ष) निवासी गार्डन रीच, कोलकाता, पश्चिम बंगाल।
कार्रवाई करने वाली STF/साइबर टीम….
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक राजेश सिंह (विवेचक), उपनिरीक्षक हिम्मत सिंह और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।



