
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; पत्रकारिता की आड़ में कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली करने के आरोप में दून पुलिस ने एक तथाकथित पत्रकार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने एक व्यक्ति को झूठी खबर प्रसारित करने की धमकी देकर अब तक साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल की और लगातार पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था। मामले में अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ अभिलेखीय और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मुख्य आरोपी रजत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रेमनगर इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस के अनुसार, अन्य नामजद व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही उनके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना साक्ष्य किसी भी व्यक्ति का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, ठाकुरपुर लक्ष्मीपुर निवासी राकेश कुमार ने कोतवाली प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके परिचित की जमीन पर दुकानों के निर्माण को लेकर रजत सिंह पुत्र ओमप्रकाश, निवासी सहसपुर, नियर ग्रामीण बैंक, थाना सहसपुर, उम्र 28 वर्ष ने स्वयं को पत्रकार बताते हुए दुकानों के गोल्डन फॉरेस्ट की जमीन पर बने होने की झूठी खबर अपने चैनल पर प्रसारित करने की धमकी दी। खबर न चलाने के एवज में उससे पैसों की मांग की गई।
आरोप है कि अलग-अलग तारीखों में शिकायतकर्ता से करीब ढाई लाख रुपये नकद और 97 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से लिए गए। इसके बाद आरोपी अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर लगातार पांच लाख रुपये की मांग करने लगा और रकम न देने पर झूठी खबर चलाने के साथ जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस के मुताबिक, ब्लैकमेलिंग के जरिए अब तक साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की रकम वसूलने का आरोप सामने आया है।शिकायत के आधार पर कोतवाली प्रेमनगर में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।



