हरिद्वार

“नन्हीं आंखें तलाश रही हैं अपनों को… अस्पताल में बेसहारा मिला बीमारी से जूझता मासूम..

ढाई वर्षीय बच्चे को छोड़कर कौन हुआ फरार.? इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ बना सहारा..

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पंच👊नामा
रुड़की; कहते हैं कि मां-बाप की गोद बच्चे के लिए दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती है, लेकिन रुड़की में सामने आई एक घटना ने इंसानियत और रिश्तों को झकझोर कर रख दिया। बीमारी से जूझ रहे करीब ढाई वर्ष के एक मासूम को कोई व्यक्ति रुड़की के सरकारी अस्पताल परिसर में एक्स-रे रूम के बाहर बेसहारा छोड़कर फरार हो गया। मासूम को लावारिस हालत में पड़ा देख वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि करीब ढाई साल का यह बच्चा सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और सामान्य बच्चों की तरह सक्रिय नहीं है। मासूम को अकेला और बेसहारा देख आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी।सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू की और परिसर में मौजूद लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद बच्चे को अस्पताल में छोड़कर जाने वाले व्यक्ति या उसके परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद बच्चे को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां अस्पताल का स्टाफ उसकी देखभाल में जुटा हुआ है। अस्पताल प्रबंधन अब परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मासूम को कौन और कब अस्पताल में छोड़कर गया। मामले की जानकारी संबंधित विभागों को भी दे दी गई है।अस्पताल की चिकित्सक डॉ. आयुषी ने बताया कि बच्चे को फिलहाल इमरजेंसी वार्ड में रखा गया है और उसकी देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है, लेकिन अभी तक बच्चे के परिजनों या उसे छोड़कर जाने वाले व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि बच्चे को आखिर कौन अस्पताल में छोड़कर गया और उसके माता-पिता कौन हैं। बच्चे की बीमारी और उसकी विशेष देखभाल की जरूरत को देखते हुए तरह-तरह की आशंकाएं जरूर जताई जा रही हैं, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।लेकिन इस मासूम की बेबस आंखों से बड़ा सवाल यही है—आखिर कौन उसे इस तरह दुनिया के बीच बेसहारा छोड़ गया? क्या बीमारी से जूझ रहे एक बच्चे को सहारे की जरूरत नहीं थी? रुड़की के अस्पताल में लावारिस मिला यह नन्हा मासूम आज सिर्फ अपने परिजनों का नहीं, बल्कि इंसानियत का इंतजार कर रहा है।

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