“मरीजों के बीच पहुंची मोहब्बत की सौगात, AWN फाउंडेशन ने फल बांटकर दिया इंसानियत और खिदमत का पैगाम..
जश्न-ए-खैरुल वरा के तहत शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में चलाया सेवा अभियान, मरीजों की जल्द सेहतयाबी की दुआ के साथ तीमारदारों तक भी पहुंचाई खुशियों की मिठास..

पंच👊नामा
रुड़की; अस्पतालों के वार्डों में जहां बीमारी और परेशानियों के बीच मरीज स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, वहीं जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ की खुशियों को इंसानियत और खिदमत से जोड़ते हुए औन फाउंडेशन के सदस्य उनके बीच पहुंचे। हाथों में फलों के पैकेट और दिलों में हमदर्दी का जज़्बा लेकर संस्था के सदस्यों ने मरीजों और उनके तीमारदारों से मुलाकात की, उनकी खैरियत पूछी और जल्द सेहतयाबी की दुआ की। इस दौरान सेवा और मोहब्बत का ऐसा पैगाम दिया गया, जिसने जश्न की खुशियों को जरूरतमंदों के साथ बांटने की खूबसूरत मिसाल पेश की।
जश्न-ए-खैरुल वरा कार्यक्रम श्रृंखला के तहत औन फाउंडेशन की ओर से आयोजित तीसरे सेवा कार्यक्रम के रूप में शहर के विभिन्न अस्पतालों में फ्रूट डिस्ट्रीब्यूशन अभियान चलाया गया। अभियान की शुरुआत प्रमुख सरकारी सिविल अस्पताल रुड़की से हुई। इसके बाद फाउंडेशन के सदस्य भटनागर हॉस्पिटल, गणेशपुर, ऋषि अस्पताल, गणेशपुर, मैडविन हॉस्पिटल, लुंबा हॉस्पिटल, नवजीवन अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में पहुंचे और भर्ती मरीजों को फल वितरित किए।
संस्था की ओर से तैयार किए गए प्रत्येक पैकेट में केला, सेब और मौसमी शामिल थे। सदस्यों ने मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों तक भी फल पहुंचाए और मुश्किल समय से गुजर रहे परिवारों के बीच अपनापन और हौसले का एहसास बांटा।औन फाउंडेशन के प्रेसिडेंट कुंवर शाहिद ने कहा कि माह-ए-रबी-उल-अव्वल पूरी उम्मत के लिए बेहद बरकत और रहमत वाला महीना है।
इसी मुबारक महीने में पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद ﷺ की विलादत हुई और उनकी आमद की खुशियां मोहब्बत, अकीदत तथा खिदमत के जज़्बे के साथ मनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि जश्न की असली खूबसूरती तभी है, जब उसकी खुशियों में समाज के उन लोगों को भी शामिल किया जाए जो किसी परेशानी या मुश्किल दौर से गुजर रहे हों।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में फल वितरित करने का मकसद केवल मरीजों तक फल पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें यह एहसास दिलाना भी है कि समाज उनके साथ खड़ा है। बीमारी के दौर में एक छोटी सी मोहब्बत और हमदर्दी भी किसी के लिए बड़ी ताकत बन सकती है। इसी सोच के साथ औन फाउंडेशन जश्न-ए-खैरुल वरा के तहत विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यक्रमों के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों तक इंसानियत और खिदमत का पैगाम पहुंचा रहा है।
कुंवर शाहिद ने बताया कि आने वाले दिनों में भी संस्था की ओर से कई अन्य सामाजिक एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्था का प्रयास है कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ के संदेश को केवल आयोजनों तक सीमित न रखकर उसे समाज की भलाई और जरूरतमंदों की मदद के रूप में जमीन पर उतारा जाए।
इस अवसर पर मुमताज अब्बास नकवी, आसिफ अली उर्फ हैदर, आसिफ अली, बिलाल खान, मुनव्वर अली, मुनीर आलम, आरिफ अली, अनस गाजी, मोहम्मद शाहिद, साहिल खान, शहज़ाद अहमद और साकिब शहज़ाद सहित औन फाउंडेशन के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
औन फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ का असल पैगाम मोहब्बत, रहमत, इंसानियत और खिदमत है, और संस्था इसी पैगाम को समाज तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। मरीजों के बीच पहुंचकर की गई यह पहल भी इसी सोच का हिस्सा रही, जहां खुशियां बांटने के साथ-साथ इंसानियत को सबसे बड़ा संदेश बनाया गया।



