
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। पुलिस कप्तान नवनीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराध के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की बड़ी कार्रवाई का पर्दाफाश किया। पुलिस मुख्यालय के साइबर क्राइम हॉटस्पॉट अभियान के तहत कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने नालंदा और नवादा से जुड़े कथित “मगध साइबर गैंग” का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से 35 एटीएम कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 सिम कार्ड, 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 10 एटीएम कवर, पैन कार्ड और 37,500 रुपये की नकदी बरामद हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में 2.75 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के सुराग मिले हैं।
पुलिस कप्तान नवनीत सिंह के अनुसार, 25/26 अगस्त की रात श्यामपुर पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। सज्जनपुर पीली क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार में साइबर अपराध से जुड़े कुछ लोग जा रहे हैं। इस पर रसियाबड़ सिंगल लाइन प्वाइंट पर चेकिंग शुरू की गई। चिड़ियापुर की ओर से आई स्विफ्ट कार संख्या UK-08AF-0560 को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार पांचों आरोपितों को पकड़ लिया गया।
नितेश शर्मा की टीम की सतर्कता से हाथ लगा बड़ा सुराग….
पूरी कार्रवाई में कोतवाली श्यामपुर के प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा और उनकी टीम की सतर्कता अहम रही। संदिग्ध वाहन की सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल चेकिंग प्वाइंट सक्रिय किया और कार को रोककर तलाशी ली। एक बैग से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सिम और डिजिटल उपकरण मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते
हुए पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की। इसी जांच में कई बैंक खातों और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की कड़ियां सामने आईं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कृष्णा पाण्डे (24) निवासी नालंदा बिहार, निरंजन कुमार (24) निवासी नवादा बिहार, सन्नी (21) निवासी हरिद्वार, चन्द्रमणि कुमार (24) निवासी नवादा बिहार और चन्दन पाण्डे (20) निवासी हरिद्वार के रूप में हुई है।
कई बैंकों के खातों का इस्तेमाल…….
बरामद 14 पासबुक में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, एसबीआई, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक और द नैनीताल बैंक के खाते मिले। इनमें श्याम मंडल, विशाल, रोहित बिष्ट, विवेक कुमार, निखिल लोढ़ा, रोहित, अनमोल, फराज खान और आदित्य के नाम सामने आए हैं।
35 एटीएम कार्ड में यूनियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, नैनीताल बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिटी यूनियन बैंक और एचडीएफसी बैंक समेत कई बैंकों के कार्ड मिले। मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में व्हाट्सऐप चैट, बैंक खाता नंबर, खाताधारकों के नाम, क्यूआर कोड और लेन-देन से संबंधित बातचीत मिली। मोबाइल की गैलरी में कई पासबुक और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की तस्वीरें भी मिली हैं।
म्यूल खातों से यूपीआई और एटीएम तक पहुंचती थी रकम……
पुलिस के मुताबिक, आरोपी स्थानीय लोगों से बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम हासिल करते थे। इन खातों का एटीएम पिन और यूपीआई आईडी अपने नियंत्रण में रखकर साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद रकम को एक खाते से दूसरे खाते में यूपीआई के जरिये ट्रांसफर किया जाता और एटीएम या सीडीएम से नकदी निकाल ली जाती थी। निकाली गई रकम को कमीशन के हिसाब से बांटा जाता था।
बिहार से हरिद्वार तक फैले नेटवर्क की जांच……
पुलिस को पूछताछ में नालंदा और नवादा बिहार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के भी संकेत मिले हैं। पुलिस अब खाताधारकों, म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वालों और नेटवर्क के मुख्य संचालकों की भूमिका की जांच कर रही है। बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और बरामद डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच के बाद साइबर अपराध से जुड़ी पूरी मनी ट्रेल सामने आने की उम्मीद है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 317(2), 3(5) तथा आइटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी के तहत कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई में एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल नेगी, सीओ साइबर क्राइम/भगवानपुर सुमित पाण्डे, थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, एसएसआई मनोज रावत, एसआई देवेंद्र तोमर, एसआई मोहन कठैत, एसआई गगन मैठाणी, एएसआई रविन्द्र गौड़, एएसआई देवेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह नेगी, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल राहुल देव, सुशील चौहान, मनमोहन सैनी, सुदेश खरोला, नीरज बिष्ट, अनिल रावत, जितेंद्र घिल्डियाल, अजय चौहान, संदीप रावत, राजेंद्र नेगी, कांस्टेबल वसीम, बलवंत, चालक मोहन रावत तथा होमगार्ड विनोद रावत और नितिन चौहान शामिल रहे।



