
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; कनखल के बैरागी कैंप क्षेत्र में स्कार्पियो की टक्कर से तीन गायों की मौत का मामला अब केवल सड़क हादसे तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में सबसे अहम घटनाक्रम यह रहा कि दफनाए जा चुके तीनों गायों के शवों को पुलिस ने बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब घटना से जुड़े हर तथ्य को वैज्ञानिक और कानूनी आधार पर मजबूत करने में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात कनखल के बैरागी कैंप क्षेत्र में ओमपुल से आगे सड़क किनारे मौजूद तीन गायों को एक स्कार्पियो ने टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से गायों के शव सड़क से हटवाए गए। बाद में गोसेवा समिति के सदस्यों की मौजूदगी में तीनों शवों को सम्मानपूर्वक दफना दिया गया था।
लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल स्कार्पियो को घुड़सवार पुलिस लाइन के पीछे से बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक वाहन करण शर्मा के नाम पंजीकृत है, जबकि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर वाहन को करण पंडित द्वारा चलाए जाने की बात सामने आई है। इसी आधार पर पुलिस ने करण पंडित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस टीम अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। वहीं, जांच को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस ने पहले दफनाए जा चुके तीनों गायों के शवों को बाहर निकलवाया और उनका पोस्टमार्टम कराया। पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। घटनास्थल की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
सड़क हादसे से आगे बढ़ी जांच की कार्रवाई….
तीन गायों की मौत के बाद पुलिस की ओर से वाहन बरामद करने, आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और शवों का पोस्टमार्टम कराने जैसी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मामले की जांच केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखी जा रही। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इधर, मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने सीओ सिटी से मुलाकात कर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। नेताओं का कहना है कि मामले में दोषी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, तीन गायों की मौत के मामले में हिंदूवादी संगठनों की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। गोवंश से जुड़े मामलों में अक्सर मुखर नजर आने वाले संगठनों की ओर से अब तक कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन या गिरफ्तारी की सार्वजनिक मांग सामने नहीं आने पर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में अब लोगों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।



