“उत्तराखंड में फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरियों का खेल, सुराज सेवादल ने आईएएस अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल..
अध्यक्ष रमेश जोशी का आरोप, अधिकारियों की मिलीभगत से उत्तराखंडी युवाओं के हकों पर डाला जा डाका, राजा को सही जानकारी नहीं दे रहे वजीर..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; उत्तराखंड में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर भर्ती के आरोपों को लेकर सुराज सेवादल ने अब सीधे आईएएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सुराज सेवादल अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नियुक्तियां देने के खेल में कुछ आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही इस तरह के मामलों में संलिप्त हों तो इसकी जांच और कार्रवाई आखिर कौन करेगा?
रमेश जोशी ने कहा कि वह पूर्व में भी कई अधिकारियों के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने और ऐसे मामलों में लिप्त होने का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन अधिकारियों पर व्यवस्था की निगरानी और निष्पक्ष कार्रवाई की जिम्मेदारी है, उन्हीं की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं तो जांच की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी।
उन्होंने चाणक्य के कथन का हवाला देते हुए कहा कि जिस राज्य का वजीर राजा को सही जानकारी देने के बजाय उसकी हां में हां मिलाता रहे, वह राज्य नष्ट हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में भी अधिकारियों का एक वर्ग सरकार को जमीनी हकीकत की सही जानकारी नहीं दे रहा है। आरटीआइ के माध्यम से जानकारी मांगने पर भी कई मामलों में सही सूचना नहीं मिलने का आरोप उन्होंने लगाया।
जोशी ने कहा कि फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे भर्ती होने से उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है। बाहर से आने वाले लोगों के नौकरियों और ठेकों में आगे निकलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हरिद्वार, देहरादून से लेकर पिथौरागढ़ तक उत्तराखंड मूल के युवा अपने ही प्रदेश में हकों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फर्जी प्रमाण पत्रों के पूरे खेल को सामने लाने के लिए संगठन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। साथ ही जिन अधिकारियों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी। जोशी ने कहा कि व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आई तो प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।



