
पंच👊नामा
पिरान कलियर; लकड़ी के कारोबार में लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी कर दो साल से फरार चल रहे आरोपी पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। हरिद्वार की कलियर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत ₹5,000 के इनामी आरोपी अमरजीत सिंह को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर लकड़ी बेचने के सौदे में छह लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत वांछित और फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज की गई है। इसी क्रम में कलियर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अमरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई। आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹5,000 का इनाम भी घोषित किया गया था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुरागरसी और पतारसी करते हुए आरोपी की तलाश तेज की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने अमरजीत सिंह पुत्र विजेंद्र सिंह, निवासी जीयनचक, थाना सैदपुर, जनपद गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना पिरान कलियर में वर्ष 2024 में अफजाल पुत्र शरीफ, निवासी पिरान कलियर की शिकायत पर लकड़ी बेचने के नाम पर छह लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ थाना जमनियां, थाना सैदपुर और थाना मोहम्मदाबाद, जनपद गाजीपुर में वृक्ष अधिनियम, धोखाधड़ी और चोरी से संबंधित मामले दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा कलियर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में भी उसकी तलाश की जा रही थी।
ये रही पुलिस टीम……
आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी, अपर उपनिरीक्षक रामअवतार, हेड कांस्टेबल सोनू कुमार, हेड कांस्टेबल जमशेद अली, कांस्टेबल महिपाल (सीआईयू रुड़की) और होमगार्ड अंकित शामिल रहे।



