
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: राजकीय महिला अस्पताल परिसर में पीपीपी मोड पर संचालित एनपीपीएल के मातृ एवं शिशु अस्पताल में महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ और गलत संबंध बनाने का दबाव डालने के आरोपित सुपरवाइजर विक्की उर्फ बादशाह को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
महिला कर्मचारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपित फरार चल रहा था। आरोपित के हिस्ट्रीशीटर होने की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी है। इसके बाद महिला अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में उसे सुपरवाइजर की नौकरी कैसे मिल गई, इसको लेकर भी सवाल उठे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारी ने 30 अक्टूबर को कोतवाली नगर में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि विक्की उर्फ बादशाह ने उसके साथ गलत तरीके से स्पर्श किया और गलत संबंध बनाने की मांग की। विरोध करने पर आरोपित ने गाली-गलौज करते हुए आपराधिक धमकी भी दी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था। मुखबिर तंत्र सक्रिय करने और सुरागरसी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी विवादों में रहा था नाम….
इस प्रकरण को लेकर पिछले दिनों प्रकाशित खबरों में आरोपित के हिस्ट्रीशीटर होने और उसके आपराधिक इतिहास का उल्लेख किया गया था। अस्पताल में महिला कर्मचारियों के साथ कथित अभद्रता और महिला तीमारदारों से जुड़े आरोपों को लेकर भी सवाल उठे थे।
ऐसे में यह सवाल महत्वपूर्ण है कि अस्पताल का संचालन कर रही एजेंसी ने नियुक्ति से पहले आरोपित का पुलिस सत्यापन और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच कराई थी या नहीं? यदि उसका आपराधिक इतिहास पहले से दर्ज था तो उसे महिला कर्मचारियों और मरीजों की मौजूदगी वाले संवेदनशील संस्थान में जिम्मेदारी कैसे सौंप दी गई?
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि महिला कर्मचारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपित लगातार फरार चल रहा था, जिसे पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विक्रम सिंह बिष्ट और कांस्टेबल हरि प्रकाश शामिल रहे।



