अपराधहरिद्वार

“CSC सेंटरों के जरिए ठिकाने लग रही थी साइबर ठगी की रकम, दो शातिरों का राजफाश..

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर लक्सर पुलिस और सीआईयू रुड़की की संयुक्त कार्रवाई, एसपी देहात शेखर सुयाल ने प्रेस कांफ्रेंस में किया खुलासा..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: भोले-भाले लोगों की भावनाओं का सहारा लेकर उनके बैंक खातों और CSC सेंटरों को साइबर ठगी की रकम ठिकाने लगाने का जरिया बनाने वाले एक शातिर गिरोह का लक्सर पुलिस और सीआईयू रुड़की ने पर्दाफाश किया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये के करीब नकदी और वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी पहले लोगों को इमोशनल ब्लैकमेल कर नकद रकम हासिल करते थे और बाद में उनके खातों में साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर कर देते थे, जिससे खाते फ्रीज होने के बाद पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होता था।एसपी देहात शेखर सुयाल ने प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर अपराधी विशेष रूप से तैयार की गई एपीके फाइलों और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। ठगी से प्राप्त रकम को सीधे CSC सेंटरों और पेट्रोल पंपों के खातों में भेजा जाता था, जिससे धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। इसके बाद आरोपी उक्त धनराशि को नकद निकालकर विभिन्न सीडीएम (कैश डिपॉजिट मशीन) के माध्यम से अपने साथियों के खातों में जमा कर साइबर फ्रॉड की रकम की लेयरिंग करते थे। इस तरह जांच एजेंसियों के लिए धन के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।लक्सर कोतवाल प्रवीण कोश्यारी व एसओजी प्रभारी रविन्द्र शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि दाबकी कला निवासी मनीष कुमार और सुशील कुमार, जो CSC सेंटर संचालित करते हैं, आरोपियों के झांसे में आ गए थे। एक मामले में गाड़ी सीज होने का बहाना बनाकर 91 हजार रुपये नकद लिए गए, जबकि दूसरे मामले में पिता के कैंसर के इलाज का हवाला देकर 80 हजार रुपये हासिल किए गए। बाद में दोनों के खातों में साइबर फ्रॉड की रकम जमा कर दी गई और खाते फ्रीज होने पर उन्हें ठगी का पता चला।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और गुरुवार को लक्सर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से वादियों समेत अन्य लोगों के क्यूआर स्कैनर के स्क्रीनशॉट और कई अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए, जिनका मिलान सीसीटीवी फुटेज से किया गया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।गिरफ्तार आरोपियों में अंकित चौहान पुत्र मुल्तान सिंह निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर व विशाल चौहान पुत्र पवन सिंह निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर शामिल हैं। अंकित चौहान से 80 हजार रुपये नकद और विशाल चौहान से 68 हजार रुपये नकद व घटना में प्रयुक्त POCO Blue मोबाइल फोन बरामद किया गया है।पुलिस टीम में….
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन चौहान, उपनिरीक्षक राजीव उनियाल, कांस्टेबल पंचम तथा कांस्टेबल रियाज शामिल रहे। वही एसओजी एवं साइबर सेल टीम में सीआईयू प्रभारी रविन्द्र शाह, एएसआई अश्विनी व साइबर सेल रुड़की के कांस्टेबल ओसाब ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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