हरिद्वार

“हरिद्वार और रानीपुर विधानसभा से हटाए गए 63 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम, किसको मिलेगा लाभ, किसको नुकसान, चर्चाओं का बाजार गर्म..

आरटीआई में हुआ खुलासा, 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर की जा रही मतदाताओं की मैपिंग..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: विधानसभा चुनाव से पहले हरिद्वार जिले की राजनीति में मतदाता सूची का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आई। जानकारी के अनुसार हरिद्वार नगर और रानीपुर विधानसभा क्षेत्रों में 63 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर इसका लाभ किस दल को मिलेगा और नुकसान किसे उठाना पड़ सकता है।रानीपुर निवासी संजय सैनी को मिली सूचना के अनुसार उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर मतदाताओं की मैपिंग का कार्य जारी है। दो मार्च 2026 तक रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में 33,226 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके थे। यहां 79.84 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग भी पूरी हो चुकी थी।वहीं 27 मार्च 2026 को उपलब्ध कराई गई एक अन्य सूचना में हरिद्वार नगर विधानसभा क्षेत्र से 30,572 मतदाताओं के नाम हटाए जाने की जानकारी दी गई है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर यह संख्या 63,798 पहुंच गई है। हालांकि निर्वाचन विभाग ने इसे मतदाता सूची के अद्यतन और सत्यापन की सामान्य प्रक्रिया बताया है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच इसे लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में हटाए गए मतदाताओं की सामाजिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि को लेकर मंथन चल रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि सूची से हटाए गए मतदाता किन वर्गों और क्षेत्रों से संबंधित हैं। फिलहाल आंकड़ों ने चुनावी माहौल में नई बहस जरूर छेड़ दी है।

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