“यूपीआई भुगतान पर चार प्रतिशत एमडीआर टैक्स के विरोध में उतरे व्यापारी, हरिद्वार डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन ने किया प्रदर्शन..
दो अक्टूबर को यूपीआई स्वीकार न करने और स्कैनर-साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा डालने की अपील..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर चार प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने के विरोध में बुधवार को डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन हरिद्वार के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने एमडीआर व्यवस्था को अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। साथ ही दो अक्टूबर को यूपीआई भुगतान स्वीकार न करने और यूपीआई साउंड बॉक्स व क्यूआर स्कैनर पर काला कपड़ा डालकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराने की अपील की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र भटेजा ने कहा कि यूपीआई आज व्यापारिक लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर चार प्रतिशत एमडीआर लगाया जाता है तो इसका सीधा असर व्यापारियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स की लागत पर पड़ेगा। उन्होंने संबंधित संस्थाओं से इस व्यवस्था की समीक्षा कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की।
प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई को देशभर में व्यापक स्तर पर अपनाया गया है। ऐसे में इस पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की व्यवस्था व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि संगठन व्यापारियों के हित से जुड़े इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा।
कोषाध्यक्ष सुनील अरोड़ा ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन से भी इस संबंध में अपील की गई है। उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर को देशभर के व्यापारियों से यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने तथा यूपीआई के साउंड बॉक्स और क्यूआर स्कैनर पर काला कपड़ा डालकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।
प्रदर्शन में रुपेश गोयल, अभिषेक बतला, अतुल गोयल, सुरेश साहनी, अभितेश गुप्ता, राकेश कंसल, शुभम अग्रवाल, इंद्रजीत सिंह, संजीव बबर, सचिन गोयल, संजय खुराना, राजीव अरोड़ा, प्रवीण गाबा, आलोक गुप्ता, विपिन शर्मा, गौरव शर्मा, अमित अग्रवाल, मनीष बत्रा, अमित बत्रा, शैतांशु वैष्णव और दीपांकर चक्रपाणि सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। स्थानीय व्यापारियों में राष्ट्रीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरविंदर सिंह, घनश्याम विरमानी, अर्पण ग्रोवर, अजय अनेजा, विकल्प गोयल और नरेंद्र तनेजा सहित ज्वालापुर के अन्य व्यापारी शामिल रहे।



