पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: चेक बाउंस मामले में दोषी करार दिए गए एक मुजरिम ने सजा सुनाए जाने के बाद ऐसा बहाना बनाया कि कोर्ट कर्मी भी चकमा खा गए। छह माह के कारावास और 9.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनने के बाद उसने पेशाब जाने की बात कही, मोबाइल फोन कोर्ट में छोड़ दिया और फिर वापस नहीं लौटा। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट के आदेश पर उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि बाद में पुलिस उसे पुराने मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में विचाराधीन धनवीर सिंह बनाम चमनदास वाद में सुनवाई के दौरान चमनदास निवासी ग्राम गैर, थाना छाम, तहसील टिहरी, जिला टिहरी गढ़वाल को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था। न्यायालय ने उसे छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ 9.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
आरोप है कि फैसला सुनाए जाने के बाद चमनदास ने कोर्ट मोहर्रिर के पास अपना मोबाइल फोन रख दिया और पेशाब जाने की बात कहकर बाहर निकल गया। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर न्यायालय कर्मियों ने तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। बाद में स्पष्ट हुआ कि वह कोर्ट से चला गया है।
घटना के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल जबर सिंह ने सिडकुल थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर चमनदास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभियुक्त को चेक बाउंस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि कोर्ट से फरार होने के मामले में अलग से कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कोर्ट में छोड़ गया मोबाइल, बढ़ गई मुश्किलें…..
सजा से बचने के लिए अपनाई गई यह तरकीब अब चमनदास पर भारी पड़ती नजर आ रही है। चेक बाउंस मामले में सजा भुगत रहे अभियुक्त को अब कोर्ट से फरार होने के आरोप में एक और मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।



