“गैर हिंदुओं की नो एंट्री की चर्चाओं के बीच अरबी शेख की वेशभूषा में हरकी पैड़ी पहुंच गए दो यूट्यूबर..
वीडियो वायरल होने के बाद श्री गंगा सभा ने जताई आपत्ति, दोनों नमूनों की तलाश में जुटी पुलिस, साजिश की आशंका..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: हरकी पैड़ी क्षेत्र में अरब शेख जैसी वेशभूषा पहनकर घूमते दो युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुंभ एवं मेला क्षेत्र में गैर हिंदुओं की एंट्री को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सामने आए इस वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
वीडियो सामने आते ही श्री गंगा सभा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया है और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं बनी हुई है, सवाल यह कि आखिर इन नोसीखिए यूट्यूबरों को इस वेशभूषा में यहां किसने भेजा और इसके पीछे क्या उद्देश्य रहा होगा।
सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि दोनों आरोपी न सिर्फ गंगा घाट पर घूम फिरते रहे, बल्कि कथित मीडिया कर्मियों को बाइट भी दी। गंगा घाट ऊपर छोटी सी बात पर पुलिसकर्मी और अन्य धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोग ऐसे मामलों में तुरंत हस्तक्षेप कर संदिग्धों को पकड़ लेते हैं, फिर इन दोनों को कैसे जाने दिया गया।
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वायरल वीडियो में दोनों युवक अरब देशों में पहनी जाने वाली पारंपरिक ड्रेस में हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर घूमते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ संगठनों ने आशंका जताई है कि यह कृत्य जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने या शांति व्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है।
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम व महामंत्री तन्मय वशिष्ठ का कहना है कि हरकी पैड़ी केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि सनातन संस्कृति का प्रतीक है। ऐसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन युवकों को यहां किसने भेजा, कौन उन्हें लेकर आया और इनका असली मकसद क्या था, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
उधर, हरिद्वार पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वे स्थानीय हैं या बाहर से आए थे। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कोई इन युवकों को पहचानता हो या इनके संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल हरिद्वार पुलिस को सूचित करे।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह केवल एक वीडियो बनाने का प्रयास था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।



