
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: सामाजिक संस्था वसुधैव कुटुम्बकम् फाउंडेशन ने मदर्स डे के अवसर पर जरूरतमंद और वंचित वर्ग के बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हुए उन्हें शिक्षा सामग्री वितरित की। आर्यनगर रोड स्थित पतंजलि योगधाम आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में करीब 33 बच्चों को कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल और अन्य शैक्षिक सामग्री दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मातृशक्ति को सम्मान देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के स्वागत और प्रेरणादायक संबोधन के साथ हुई। संस्था की ओर से बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया गया और उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बच्चों ने भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
मदर्स डे के अवसर को खास बनाने के लिए बच्चों के साथ केक काटकर उत्सव मनाया गया। बच्चों ने फाउंडेशन से जुड़ी महिलाओं को अपनी “मां” मानते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। कई बच्चों ने कहा कि उन्हें पहली बार इस तरह परिवार जैसा स्नेह और अपनापन महसूस हुआ।
फाउंडेशन की अध्यक्ष रेनू अरोड़ा ने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित बच्चा ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। संस्था लगातार ऐसे बच्चों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मदर्स डे के मौके पर बच्चों को यह संदेश दिया गया कि समाज उनके साथ खड़ा है और उन्हें कभी अकेला महसूस करने की जरूरत नहीं है।
उपाध्यक्ष प्रीति आहूजा ने कहा कि मां का रिश्ता केवल जन्म देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि स्नेह, ममता और संरक्षण देने वाला हर व्यक्ति मां के समान होता है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और संस्कार से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का अंतिम बच्चा भी शिक्षित और सक्षम नहीं हो जाता, तब तक संस्था की सेवा यात्रा जारी रहेगी। कार्यक्रम में निधि अग्रवाल, विनीता सिकोरिया, सोनिया अरोड़ा, संगीता, निधि चावला, रुचि तनेजा, रुचि अरोड़ा और सोनिया भाटिया सहित कई महिला सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।



