“मंगलौर में शिया वक्फ की 30 बीघा संपत्ति में करोड़ों के गबन का आरोप, जांच में जुटी पुलिस..
सार्वजनिक शिया वक्फ को निजी वक्फ साबित करने के लिए दस्तावेजों का किया फर्जीवाड़ा..
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: मंगलौर क्षेत्र से जुड़े एक शिया वक्फ की बेशकीमती संपत्ति में करोड़ों रुपये के गबन, फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड में पंजीकृत कर्बला और इमामबारगाह की करीब 30 बीघा जमीन और उससे होने वाली लाखों रुपये की आय को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने देहरादून में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंगलौर-रुड़की निवासी चमन अली जैनपुर झंझेडी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड वक्फ बोर्ड में पंजीकृत शिया वक्फ कर्बला और इमामबारगाह (पंजीकरण संख्या-1931) का प्रबंधन पिछले 30 वर्षों से एक ही समिति के कब्जे में है। आरोप है कि समिति सार्वजनिक वक्फ संपत्ति को निजी जागीर की तरह इस्तेमाल कर रही है और कृषि भूमि से होने वाली आय के साथ विभिन्न मौकों पर मिलने वाले चंदे की रकम का भी कोई पारदर्शी हिसाब नहीं रखा जा रहा।
तहरीर के अनुसार वक्फ संपत्ति से हर वर्ष करीब 10 से 12 लाख रुपये की आय होती है, लेकिन आज तक वक्फ के नाम से कोई बैंक खाता तक नहीं खोला गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कृषि भूमि की पारदर्शी नीलामी कराने के बजाय कागजों में हेराफेरी कर खेती अपने करीबी लोगों के नाम दर्शाई जाती है और आय को निजी कार्यों में खर्च किया जा रहा है।
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि सार्वजनिक शिया वक्फ को निजी वक्फ साबित करने के लिए पुराने समय के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड में जमा किए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि पिछले चार वर्षों से लगातार वक्फ board के अध्यक्ष, अधिकारियों और सदस्यों को शिकायतें दी जाती रही हैं, लेकिन अब तक कोई कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि वक्फ बोर्ड की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित भूमि पर अवैध रूप से फसल बोई गई, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। इससे वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
चमन अली ने कहा कि वक्फ बोर्ड और प्रशासन की निष्क्रियता से परेशान होकर उन्हें पुलिस की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर गबन, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण ली जाएगी। साथ ही कहा कि वक्फ संपत्तियों को बचाने और उनकी आय में हो रहे कथित भ्रष्टाचार को रोकने के लिए हरसंभव कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।



