
पंच👊नामा
रूड़की: हरिद्वार जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत मंगलौर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एटीएम बदलकर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह की कमर तोड़ दी।
गांव-देहात की महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी करने वाला यह शातिर गैंग उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था। पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड और ₹10,710 नगद बरामद किए हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश जारी है।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली मंगलौर क्षेत्र निवासी वादिया मुकेश पत्नी रमन निवासी मुण्डलाना ने शिकायत दर्ज कराई गई कि अज्ञात व्यक्तियों ने एटीएम कार्ड बदलकर उनके खाते से करीब ₹70 हजार की धोखाधड़ी कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।
प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए जबरदस्त मेहनत की। वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन बिष्ट की अगुवाई में टीम ने हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर समेत कई जिलों में दबिश देते हुए करीब 356 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
पुलिस ने एटीएम फ्रॉड के पुराने अपराधियों का सत्यापन भी किया और आखिरकार मुखबिर की सटीक सूचना पर आरोपी संजय पुत्र अमर निवासी चांदपुर थाना बड़गांव जनपद सहारनपुर को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि गिरोह हरिद्वार, देहरादून और मुजफ्फरनगर क्षेत्रों में सक्रिय था। गैंग के सदस्य एटीएम मशीन खराब होने का झांसा देकर लोगों के कार्ड बदल लेते थे और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए गैंग की प्लानिंग करते थे और पहचान छिपाने के लिए अपने नाम पर सिम कार्ड तक नहीं लेते थे। वारदातों के लिए रविवार का दिन खास तौर पर चुना जाता था ताकि भीड़भाड़ और लापरवाही का फायदा उठाया जा सके। आरोपी संजय पुत्र अमर निवासी चांदपुर, थाना बड़गांव, जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।
आरोपी के खिलाफ सहारनपुर और साइबर थानों में धोखाधड़ी, चोरी और आईटी एक्ट से जुड़े कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, हेड कांस्टेबल अमित शर्मा, कांस्टेबल उत्तम, कांस्टेबल रणवीर, कांस्टेबल विनोद व कांस्टेबल महिपाल, सीआईयू रुड़की शामिल रहे।



