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“STF का शिकंजा: फर्जी शस्त्र लाइसेंस कांड में गिरफ्तारियों का आंकड़ा पहुंचा नौ पर, दो और चढ़े हत्थे..

एसटीएफ कप्तान अजय सिंह की मॉनिटरिंग में देर रात हुई कार्रवाई, दो पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद..

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पंच👊नामा-
देहरादून: उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ छेड़े गए अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। देर रात चली ताबड़तोड़ कार्रवाई में एसटीएफ ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके साथ ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि अब तक 14 अवैध हथियार, 341 कारतूस और बड़ी संख्या में संदिग्ध व फर्जी लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।एसटीएफ कप्तान अजय सिंह के निर्देश पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसटीएफ की टीम पिछले एक माह से इस संगठित गिरोह की परत-दर-परत जांच में जुटी हुई थी। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर चार जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसके बाद एसटीएफ लगातार एक के बाद एक कार्रवाई कर नेटवर्क को ध्वस्त करने में लगी हुई है।विवेचना के दौरान देर रात एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की निगरानी में एसटीएफ टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले के सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह पुत्र नाजर सिंह निवासी भुड़िया कॉलोनी, बहेड़ी, बरेली (हाल निवासी व संचालक रेस्टोरेंट सरदार जी, सितारगंज) तथा विक्रमजीत सिंह तूर पुत्र अजयपाल सिंह निवासी नियर मंडी, सितारगंज के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक .30 बोर पिस्टल, एक सेमी ऑटोमैटिक .32 बोर पिस्टल तथा .30 और .32 बोर के कुल 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह खेल केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी और जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक अथवा सहयोगी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अवैध लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं। नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि 14 अवैध शस्त्र, 341 कारतूस और बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी फर्जी, संदिग्ध अथवा अवैध शस्त्र लाइसेंस के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त होती है तो तत्काल एसटीएफ को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।कार्रवाई करने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, हेड कांस्टेबल मनोज बवाड़ी, कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल गोविन्द बिष्ट, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कनवाल, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा तथा हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार शामिल रहे।

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