
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: जानलेवा हमले के आरोपियों को पनाह देने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। हरिद्वार पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए चार ऐसे आरोपियों को दबोच लिया है, जिन पर मुख्य फरार आरोपियों को शरण और संरक्षण देने का आरोप है। पुलिस का साफ संदेश है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों के साथ-साथ उन्हें बचाने वालों को भी किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर थाना सिडकुल में दर्ज मुकदमे के अपराध को गंभीरता से देखते हुए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। मामला बीती 10 जून को दर्ज हुआ था, जिसमें वादी सचिन पुत्र सुबीर निवासी तलाई तल्ली, पौड़ी गढ़वाल
(हाल निवासी ओम शांति धाम कॉलोनी, हेतमपुर) ने विशाल समेत 9-10 लोगों पर लाठी-डंडों और तलवारों से लैस होकर उसके भाई, जीजा और मित्र पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। घटना एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमे कुछ लोग लाठी डंडों से मारपीट करने दिखाई दे रहे है।
एसएसपी के दिशा-निर्देशन में थाना प्रभारी अजय शाह के नेतृत्व में सिडकुल पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच के दौरान घटना में शामिल फरार मुख्य आरोपियों को शरण और संरक्षण देने वाले चार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पूर्व एक आरोपी को सिडकुल पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कमल कुमार पुत्र ओमपाल निवासी तेलकपुरी भोगपुर, थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार, कमल सिंह पुत्र चतर सिंह निवासी मंती हसनपुर, थाना थानाभवन जनपद शामली (उत्तर प्रदेश), पोपिन पुत्र छन्दूलाल निवासी खानपुर ब्रह्मपुरी, थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार व शिवकुमार पुत्र सुनील कुमार निवासी महावतपुर, थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
पुलिस की ओर से फरार मुख्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी आरोपी को संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवीण बिष्ट, उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल संजय सिंह तथा हेड कांस्टेबल जितेन्द्र मलिक शामिल रहे।



