“सीओ ओशिन जोशी की अध्यक्षता में स्थानीय शिकायत समिति का पुनर्गठन, अधिवक्ता रीमा शाहिम, समाजसेवी नेहा मलिक व रंजना शर्मा बनीं सदस्य..
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निस्तारण के लिए एसएसपी ने जारी किए आदेश, राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देश पर हुआ पुनर्गठन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों के प्रभावी निस्तारण और कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार में स्थानीय शिकायत समिति (लोकल कंप्लेंट्स कमेटी) का पुनर्गठन किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार की ओर से जारी आदेश में राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में पूर्व में गठित समिति में आंशिक संशोधन करते हुए नई समिति का गठन किया गया है।
समिति की प्रीसाइडिंग ऑफिसर के रूप में रुड़की की क्षेत्राधिकारी (सीओ) ओशिन जोशी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अधिवक्ता रीमा शाहिम को सदस्य बनाया गया है। रीमा शाहिम जिला एवं सत्र न्यायालय, रोशनाबाद में अधिवक्ता होने के साथ-साथ लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
इसके अलावा मुस्कान फाउंडेशन के माध्यम से नेत्रदान और अंगदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने वाली समाजसेवी नेहा मलिक को भी समिति में सदस्य नामित किया गया है। वहीं रंजना शर्मा को भी सदस्य बनाया गया है, जो महिलाओं और बच्चों से जुड़े सामाजिक एवं जनहित के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहती हैं।
आदेश में कहा गया है कि समिति का पुनर्गठन सर्वोच्च न्यायालय के 12 मई 2023 के आदेश, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग उत्तराखंड, उत्तराखंड शासन, जिलाधिकारी कार्यालय तथा राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशों के अनुपालन में किया गया है।
समिति कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की सुनवाई, जांच और अधिनियम के तहत त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने समिति के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को अधिनियम एवं पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए हैं।



