हरिद्वार

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था जिस अस्पताल का उद्घाटन, बारिश में टपक रही उसकी छत, उखड़ गई टाइल्स..

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, अस्पताल के लिए संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मनोज निषाद ने जिलाधिकारी से की शिकायत..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित भूपतवाला स्थित 30 बेड के शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (यूसीएचसी) की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के दौरान अस्पताल की छत से पानी टपकने, कई स्थानों पर टाइल्स उखड़ने और छत पर जलभराव होने का मामला सामने आया है। अस्पताल के निर्माण के लिए वर्ष 2016 से संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मनोज निषाद ने जिलाधिकारी से शिकायत कर पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।2016 से किया था अस्पताल के लिए संघर्ष…..
मनोज निषाद ने शिकायत में बताया कि भूपतवाला क्षेत्र में शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना के लिए उन्होंने वर्ष 2016 से विभिन्न स्तरों पर लगातार संघर्ष किया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत भारत सरकार ने 30 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया, जबकि नगर निगम ने निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई। बाद में इस अस्पताल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।ग्राउंड फ्लोर से दूसरी मंजिल तक टपक रहा पानी…..
शिकायत के अनुसार गुरुवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पर ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल और द्वितीय तल पर कई स्थानों से बारिश का पानी टपकता मिला। छत पर भी पानी जमा था और भवन के भीतर कई जगह टाइल्स उखड़ी हुई दिखाई दीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि नए अस्पताल भवन में इस तरह की खामियां निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।पहले भी उठाया था मामला…..
मनोज निषाद का कहना है कि उन्होंने पिछले वर्ष भी भवन में आई खामियों की शिकायत की थी। उस समय तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल से जवाब तलब किया था, लेकिन संस्था की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि मामले में निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है।डीएम से उच्चस्तरीय जांच की मांग…..
शिकायत में जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने, निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।

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