अपराधदेहरादून

“स्वास्थ्य विभाग का ‘फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर’ निकला शातिर ठग.! शादी का झांसा देकर नर्सिंग असिस्टेंट से ऐंठे 32 लाख, नेपाल भागने से पहले गिरफ्तार..

SSP प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विभागीय पहचान और अफसरों से नजदीकी का झांसा देकर युवाओं को बनाता था शिकार, 7 मुकदमों का खुला आपराधिक चिट्ठा..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को अपने जाल में फंसाने वाले एक शातिर ठग को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने पिथौरागढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम करने वाली महिला को पहले शादी का झांसा दिया और फिर खुद को स्वास्थ्य विभाग का ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए अधिकारियों से ऊंची पहुंच का दावा किया। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में महिला से करीब 32 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस के शिकंजे में आया आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र में उसे दबोच लिया।एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए नेहरू कॉलोनी पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। पुलिस ने सर्विलांस और अन्य माध्यमों से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी तो उसके लगातार ठिकाने बदलने व पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय स्थापित कर टीम रवाना की गई और 21 अगस्त को आरोपी को एंचोली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और तकनीकी निगरानी की। पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को पीड़िता ने थाना नेहरू कॉलोनी में तहरीर देकर बताया था कि उसकी मुलाकात आरोपी चारू चन्द्र जोशी से शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए विभागीय अधिकारियों से करीबी संबंध होने का झांसा दिया। इसके बाद शादी करने और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उसने महिला से करीब 32 लाख रुपये की रकम ठग ली। तहरीर के आधार पर थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज किया गया।पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2016 में संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2022 में नैनीताल जनपद में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज हुए, जिसके बाद वह जेल गया और जेल से बाहर आने के बाद उसे स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से हटा दिया गया। इसके बाद आरोपी ने अपनी पुरानी नौकरी और विभागीय पहचान को ही ठगी का हथियार बना लिया।पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त बताते हुए अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा करता था। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और अन्य लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था। वर्तमान मामले में भी आरोपी ने पीड़िता को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर रकम ली। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पीड़िता से मिली रकम का अधिकांश हिस्सा उसने अपने खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों के सेटलमेंट में संबंधित लोगों को दे दिया।पुलिस अब आरोपी से पूछताछ में सामने आए तथ्यों का अभिलेखीय और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है। विवेचना में अब तक आरोपी द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर व्यक्तिगत स्तर पर धोखाधड़ी करना सामने आया है। पुलिस को किसी परीक्षा एजेंसी अथवा चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ आरोपी के संपर्क में होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक घटनाओं के सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कोतवाली हल्द्वानी, कोतवाली ऋषिकेश, थाना मुखानी, कोतवाली काशीपुर और थाना नेहरू कॉलोनी के मामले शामिल हैं।गिरफ्तार अभियुक्त….
चारू चन्द्र जोशी पुत्र उमेश चन्द्र जोशी, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम सिली, पोस्ट गरुड़, थाना बैजनाथ, जनपद बागेश्वर, हाल निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, दून एरिया, केयर ऑफ हरीश बिष्ट, कोतवाली हल्द्वानी, जनपद नैनीताल।पुलिस टीम में…
इस कार्रवाई में मनोज नौटियाल, थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी, गिरीश चन्द्र बडोनी, चौकी प्रभारी जोगीवाला, कांस्टेबल विनोद बचकोटी, कांस्टेबल विपिन सेमवाल, हेड कांस्टेबल किरन (एसओजी) तथा कांस्टेबल आशीष राठी (एसओजी) की अहम भूमिका रही।

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