हरिद्वार

“साबरी गेस्ट हाउस के बंद कमरों पर किसकी नजर.? पंच👊नामा की खबर के बाद दरगाह कार्यालय ने खोल दी ‘कब्जे’ की फाइल.!

कलियर कोतवाली में पहुंची तहरीर, ताला तोड़ने और सामान खुर्द-बुर्द करने के आरोप; पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग..

खबर को सुनें

पंच👊नामा
पिरान कलियर; दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रह. के 758वें सालाना उर्स/मेले की व्यवस्थाओं के बीच साबरी गेस्ट हाउस के बंद पड़े दो कमरों पर कथित कब्जे की कोशिश का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। पंच👊नामा ने बीती रात साबरी गेस्ट हाउस के कमरों में कथित दखल और व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को प्रमुखता से उठाया था। खबर सामने आने के बाद दरगाह कार्यालय की ओर से कलियर कोतवाली में तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।वक्फ दरगाह साबिर पाक पिरान कलियर के सुपरवाइजर मोहम्मद हारून की ओर से, पिरान कलियर कोतवाली प्रभारी को दी गई तहरीर में साबरी गेस्ट हाउस के कमरों में कथित रूप से ताला तोड़कर सामान को खुर्द-बुर्द करने और कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। तहरीर में अनिस कस्सार निवासी ग्राम लढौरा का नाम लेते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।तहरीर में क्या कहा गया….?
कोतवाली में दी गई तहरीर के मुताबिक, वक्फ दरगाह साबिर पाक का साबरी गेस्ट हाउस दरगाह की संपत्ति है। इसके पीछे कुछ कमरे हैं, जिनका उपयोग दरगाह कार्यालय द्वारा समय-समय पर किया जाता है और इनमें दरगाह का सामान रखा जाता है। तहरीर में कहा गया है कि स्थानीय लोगों से जानकारी मिली कि अनिस कस्सार ने दरगाह के साबरी गेस्ट हाउस के कमरों का ताला तोड़कर कमरे में रखे सामान को खुर्द-बुर्द कर उस पर कब्जा कर लिया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि इससे पहले भी अनिस कस्सार द्वारा उक्त कमरे पर बिना किसी अधिकार के कब्जा करने का प्रयास किया जाता रहा है।मामला यहीं तक सीमित नहीं बताया गया। दरगाह कार्यालय की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में वर्ष 2017 के एक पुराने आदेश का भी हवाला दिया गया है। तहरीर में उल्लेख है कि पूर्व में मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा अपने आदेश संख्या 343, 27 दिसंबर 2017 के माध्यम से पुलिस बल की मदद से उक्त कमरे को अनिस कस्सार से कब्जामुक्त कराया गया था। यानी दरगाह कार्यालय की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, जिस संपत्ति को लेकर अब दोबारा विवाद सामने आया है, उसे लेकर पूर्व में भी कब्जे का प्रयास हो चुका है और उस समय पुलिस बल की सहायता से कमरा खाली कराया गया था।“बार-बार कब्जे का प्रयास, दरगाह की छवि हो रही धूमिल”…..
तहरीर में दरगाह कार्यालय की ओर से आरोप लगाया गया है कि अनिस कस्सार द्वारा बार-बार दरगाह की संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे गलत आचरण बताते हुए कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों से दरगाह कार्यालय की छवि धूमिल होती है और संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों का अनावश्यक रूप से समय भी नष्ट होता है। सुपरवाइजर मोहम्मद हारून ने पुलिस से मामले में सुसंगत धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।मामले की गंभीरता को देखते हुए तहरीर की प्रतियां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की, मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तराखंड वक्फ बोर्ड देहरादून व प्रबंधक/तहसीलदार वक्फ दरगाह पिरान कलियर को भी सूचना व आवश्यक दिशा-निर्देश के लिए भेजी गई हैं।अब बड़ा सवाल—कब्जे की कोशिश के पीछे कौन…?
उर्स की भीड़ और व्यवस्थाओं के बीच सामने आए इस मामले ने दरगाह संपत्तियों की निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब उक्त कमरों को दरगाह कार्यालय द्वारा इस्तेमाल किया जाता है और उनमें दरगाह का सामान रखा जाता है, तो वहां तक किसी की पहुंच कैसे बनी? ताला कैसे टूटा? सामान के साथ क्या हुआ और कमरे में दखल देने की कोशिश किस आधार पर की गई? सबसे अहम बात यह है कि दरगाह कार्यालय की तहरीर में वर्ष 2017 में भी उसी व्यक्ति से कमरा कब्जामुक्त कराए जाने का उल्लेख किया गया है। ऐसे में अब पुलिस जांच में यह साफ होना जरूरी है कि वर्तमान घटनाक्रम वास्तव में क्या था, कमरे का ताला किसने तोड़ा, सामान को नुकसान पहुंचा या नहीं और कथित कब्जे की कोशिश के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।पंच👊नामा की खबर का असर…..
पंच👊नामा ने बीती रात ही सवाल उठाया था कि उर्स की भीड़ और प्रशासनिक व्यस्तता के बीच कहीं कुछ लोग दरगाह की संपत्तियों पर दखल का रास्ता तो नहीं तलाश रहे। खबर प्रकाशित होने के बाद दरगाह कार्यालय की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए अब पुलिस को लिखित तहरीर दी गई है। हालांकि, तहरीर में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच अभी बाकी है। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कमरे का ताला किसने तोड़ा, कब्जे की कोशिश हुई या नहीं और पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल इतना जरूर है कि साबरी गेस्ट हाउस के दो कमरों को लेकर उठे सवाल अब दरगाह कार्यालय से निकलकर कलियर पुलिस की चौखट तक पहुंच गए हैं। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई और जांच पर टिकी हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!