हरिद्वार

“अमेरिकन आश्रम मामले की जांच से क्यों कतरा रहा पुलिस-प्रशासन..?, सत्ताधारियों की भी क्यों नहीं हो रही सुनवाई..?

डीएम-एसएसपी से लगातार शिकायतें, एचआरडीए को भी ज्ञापन, कार्रवाई तो दूर, अब तक जांच तक शुरू नहीं..

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। धर्मनगरी में भूपतवाला स्थित ऐतिहासिक धार्मिक संस्था अमेरिकन आश्रम/स्वामी देवानंद ट्रस्ट की बेशकीमती संपत्ति को लेकर पिछले कई दिनों से शिकायतों का सिलसिला चल रहा है, लेकिन पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई अभी शिकायतों से आगे नहीं बढ़ सकी है। सवाल यह नहीं है कि कार्रवाई कब होगी, बल्कि सवाल अब यह खड़ा हो गया है कि जब लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं तो प्रशासन जांच शुरू करने से भी क्यों कतरा रहा है? जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लेकर हरिद्वार विकास प्राधिकरण तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक न तो कोई स्पष्ट जांच सामने आई और न ही मौके पर कार्रवाई की स्थिति दिखाई दे रही है।मामले में पार्षद आकाश भाटी ने एचआरडीए की उपाध्यक्ष सोनिका को ज्ञापन देकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में ट्रस्ट की भूमि पर कथित कब्जे, बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण, दुकानों के निर्माण और अवैध कॉलोनी या प्लॉटिंग जैसे गंभीर आरोपों की जांच की मांग की गई है। अमेरिकन आश्रम से लगी करीब तीन बीघा भूमि पर कथित कब्जे और चारदीवारी किए जाने का मामला भी उठाया गया है।100 रुपये के स्टांप पर ट्रस्ट से ट्रस्ट में जमीन, सवाल बरकरार…..
पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल ट्रस्ट की भूमि के एक हिस्से के 100 रुपये के स्टांप पर ट्रस्ट से ट्रस्ट में हस्तांतरण को लेकर उठ रहे हैं। आखिर यह हस्तांतरण किस प्रक्रिया के तहत हुआ, भूमि का वास्तविक स्वामित्व क्या है और इसके लिए किन अभिलेखों का इस्तेमाल किया गया—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है। लेकिन जब जांच ही शुरू नहीं हुई तो सवालों के जवाब भी फाइलों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझे हुए हैं।शिकायत दर शिकायत, जांच का पता नहीं…..
स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें अधिकारियों तक पहुंच रही हैं। डीएम और एसएसपी से शिकायत के बाद अब एचआरडीए में भी मामला उठाया गया है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से अभी तक जांच शुरू नहीं की गई है। यही स्थिति अब शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बीच भी सवाल खड़े कर रही है।मामला जमीन का हो, निर्माण का हो या ट्रस्ट की संपत्ति के कथित हस्तांतरण का—सच्चाई सामने लाने का सबसे सीधा रास्ता निष्पक्ष जांच है। यदि आरोप गलत हैं तो जांच से स्थिति साफ हो जाएगी और यदि शिकायतों में दम है तो जिम्मेदारों की पहचान हो सकेगी। फिर सवाल यही है कि जांच से परहेज क्यों?पार्षद आकाश भाटी ने मांग की है कि राजस्व विभाग, एचआरडीए और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से भूमि के अभिलेख, सीमांकन और निर्माणों की वैधता की जांच करें। यदि अनियमितता, अवैध कब्जा, कूटरचना या अनधिकृत हस्तांतरण के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल अमेरिकन आश्रम की जमीन को लेकर शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से जांच की पहली सीढ़ी तक न पहुंचना ही पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!