
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: मेला अस्पताल की इमरजेंसी में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने वालों को कोतवाली नगर पुलिस ने पकड़ लिया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तोड़फोड़ के पीछे अनुज चौटाला और मनीष के बीच हुआ विवाद मुख्य वजह बना। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अनुज चौटाला के कहने पर अस्पताल में तोड़फोड़ की गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस ने ये कार्रवाई की है। बाकी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। मामला 20 सितंबर का है। मेला अस्पताल की इमरजेंसी में कुछ लोगों ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ और मारपीट की थी। सरकारी काम में भी बाधा डाली गई थी। मामले में उप जिला मेला चिकित्सालय के डॉ. दीपक पांडे ने 21 सितंबर को कोतवाली नगर में तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू की।
एसपी सिटी दीपक सिंह ने बताया कि एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर शहर कोतवाल कुन्दन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपितों की तलाश शुरू की गई। सुरागरसी-पतारसी के बाद पुलिस ने 25 सितंबर को चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों में अमन उर्फ टांका निवासी बाल्मीकि बस्ती, बिल्केश्वर रोड, कोतवाली नगर हरिद्वार, तुषार निवासी रेलवे कॉलोनी, कोतवाली हरिद्वार, राहुल बोरा उर्फ चंपा निवासी लोहाघाट, चंपावत, हाल निवासी बाल्मीकि बस्ती, मेला अस्पताल और अंकित निवासी बाल्मीकि बस्ती, मेला अस्पताल, कोतवाली नगर हरिद्वार शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपितों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की वजह अनुज चौटाला और मनीष के बीच हुआ विवाद बताया। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा, वरिष्ठ उप निरीक्षक नन्दकिशोर ग्वाडी, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, कांस्टेबल जीवन तिवारी और कांस्टेबल हसलवीर शामिल रहे। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।



