“पुलिस में तबादलों की बयार, दफ्तरों के बाहर लंबी कतार, हाथों में गुलदस्ते, चेहरों से टपक रहा प्यार..
त्यौहारी सीजन से पहले चल पड़ा फूल वालों का कारोबार, शुक्रिया अदा कर रहे बार-बार, अगले महीने तक रहेगी बहार..

पंच👊🏻नामा ब्यूरो
सुल्तान, हरिद्वार: पुलिस महकमे में तबादलों की बयार चल पड़ी है। लगभग सभी जिलों में उत्साह का माहौल है। लेकिन बड़े जिले में अधिकारियों से ज्यादा फूल वालों के चेहरे खुशी से खिले हुए हैं। फूल मंडी से सुबह कितना भी माल ले आएं, शाम तक एक फूल नहीं बचता है।
“नेता उर्फ समाजसेवी” टाइप लोग फूलों को चुन-चुनकर गुलदस्ते बनवा ले जाते हैं। नए अधिकारियों के दफ्तरों पर तो जैसे जश्न का माहौल है। साहब के आने से पहले ही सुबह नौ बजे से गुलदस्ते वालों की कतार लग जा रही है। अब एक और लिस्ट आ गई है। बड़े जिले में फूलों की बिक्री में “16 दशमलव आठ फीसद” की उछाल दर्ज होना तय है।
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लाइट-कैमरा-एक्शन जरूरी….
गुलदस्ता प्रेमी बड़े ही खुशमिज़ाज लोग हैं। अनुशासन इतना है कि पहले से सबको अपना-अपना काम मालूम है। कौन साहब के अगल खड़ा होगा और कौन बगल में, कौन बीच में रहेगा, किसे फोटो खींचना है, मुख्य डायरेक्टर ने सबके रोल पहले से बांटे हुए है।
बस दफ्तर में दाख़िल होकर मोर्चा संभाल लेना है, नमस्ते के साथ बधाई ठोकनी है और गुलदस्ता पकड़ा कर “भैय्या जी स्माइल” वाला पोज बनाकर “लाइट-कैमरा-एक्शन। मौके का चौका लग गया तो अगले आधे घन्टे में फेसबुक पर प्रिय भाई साहब के साथ नज़र आना है।
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मीडियम साइज की कुर्सियों से शुभारंभ….
नाम छापने की शर्त पर एक “वरिष्ठ फूल कारोबारी “लल्लन डिसूजा” ने बताया कि साहब हम लोग उड़ते तीतर की टांगे नाप लेते हैं, अगले महीने तक बहार ही बहार दिख रही है। शुरुआत मीडियम साइज की कुर्सियों से हुई है। लेकिन जल्द ही छोटी-बड़ी कुर्सियां हिलेंगी। भावुक होकर बताया कि तबादला सूची जारी करने वाले अधिकारियों के लिए दिल से दुआएं निकल रही हैं।
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भाई साहब अलग ही लेवल के बंदे……
बड़े जिले का मिज़ाज ही अलग है। यहां की राजनीति, यहां का माहौल और यहां के लोगों के मिज़ाज भी कमाल हैं। कई भाई साहब तो अलग ही लेवल के बंदे हैं। उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि नए साहब से कोई वास्ता-मतलब है कि, बस उन्हें एक अदद तस्वीर खिंचाने के बाद निचले स्टाफ पर भौकाल टाइट करना है। इस दौड़ में, फोटो खिंचाने की होड़ में ये पूरे साल तीन-चार दर्जन गुलदस्ते तो खर्च कर ही देते हैं।



