
पंच👊नामा
देहरादून; ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट पर कम रकम लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने हरिद्वार निवासी को ऐसा जाल में फंसाया कि उसके खाते से 1 करोड़ 77 लाख 53 हजार 960 रुपये साफ हो गए। YouTube पर गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन दिखाने के बाद ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क साधा और अलग-अलग लिंक भेजकर निवेश के नाम पर रकम ऐंठते रहे। मामले की गंभीरता सामने आने के बाद उत्तराखंड एसटीएफ ने जांच का शिकंजा कसा तो ठगी की रकम के लेन-देन की कड़ियां राजस्थान तक जा पहुंचीं। एसटीएफ ने मामले में एक आरोपी को डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं से गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ कप्तान अजय सिंह के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू की। हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना की जिम्मेदारी निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई।
जांच में पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और उनमें हुए लेन-देन की परतें खंगालनी शुरू कीं। बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पड़ताल में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से करीब 14 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में पहुंचे थे। इतना ही नहीं, आरोपी के खाते में महज चार महीने के भीतर करीब 95 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन भी सामने आया, जिसने पुलिस का शक और गहरा कर दिया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने YouTube पर Winadda ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के बाद अज्ञात साइबर ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क किया। ठगों ने कम धनराशि निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच दिया और विभिन्न लिंक भेजकर निवेश के नाम पर रकम जमा कराते रहे। वर्ष 2025 में धीरे-धीरे करके शिकायतकर्ता से कुल 1.77 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठग ली गई।
साइबर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बैंक खाते की जानकारी मिली। खाते में हुई संदिग्ध गतिविधियों और ठगी की रकम से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के बाद एसटीएफ टीम राजस्थान पहुंची। वहां थाना लाडनूं, जनपद डीडवाना-कुचामन क्षेत्र से बैंक खाताधारक आरोपी को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान किशोर पुत्र मदन लाल (41 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर-05, ऊंचा मगर बास, थाना लाडनूं, जनपद डीडवाना-कुचामन, राजस्थान के रूप में हुई है।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी के बैंक खाते में सिर्फ चार महीने के भीतर करीब 95 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है। वहीं, शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से करीब 14 लाख रुपये इसी खाते में क्रेडिट हुए थे। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के साथ ही साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य बैंक खातों व आरोपियों की कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक जगमोहन राणा, उपनिरीक्षक वजिन्द्र सिंह नेगी और कांस्टेबल सोनह बड़ोनी शामिल रहे। एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या किसी भी तरह का अधिक मुनाफा देने का लालच देने वाली अज्ञात वेबसाइटों और व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने अथवा रकम ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।



