
पंच👊नामा
रुड़की: हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर हाईटेक जांच और तेज़ कार्रवाई का दम दिखाते हुए भगवानपुर क्षेत्र में मिले अज्ञात शव के ब्लाइंड मर्डर केस का महज़ 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने “चेहरा पहचानने वाली तकनीक से हत्या की गुत्थी सुलझाई और फिर एक-एक कर कातिल सलाखों के पीछे धकेल दिए।
”एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस ने गृह मंत्रालय द्वारा संचालित NETGRID पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए पहले शव की पहचान की और फिर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों व मुखबिर तंत्र की मदद से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
एसपी देहात शेखर चन्द्र सुयाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 मई को थाना भगवानपुर क्षेत्र के बहबलपुर से लव्वा गांव जाने वाले रास्ते पर नदी किनारे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। शव पर गंभीर चोटों के निशान मिलने से हत्या की आशंका जताई गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की मोर्चरी भिजवाया।
इसके बाद पुलिस ने मृतक की फोटो NETGRID पोर्टल पर अपलोड की, जहां चेहरे से मिलान करते हुए यूपी के विभिन्न जनपदों के 10 संभावित व्यक्तियों का डाटा मिला। अलग-अलग टीमों ने सहारनपुर, देवबंद, बिजनौर, मुरादाबाद और हिमाचल तक जाकर सत्यापन किया, जिसके बाद मृतक की पहचान कलीम पुत्र मुरादु निवासी ग्राम बचीटी, थाना देवबंद जनपद सहारनपुर के रूप में हुई।
प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए स्थानीय लोगों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच में पता चला कि घटना वाली रात क्षेत्र में एक काली क्रेटा कार संदिग्ध हालत में देखी गई थी। इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक कलीम और उसका भाई कामिल
काम की तलाश में भगवानपुर आए थे और रात में धरोहर होटल में खाना खाने पहुंचे। इसी दौरान होटल संचालकों और उनके साथियों से विवाद हो गया। झगड़ा इतना बढ़ा कि आरोपियों ने दोनों भाइयों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस बीच कामिल जान बचाकर भाग निकला, जबकि कलीम को आरोपियों ने डंडों, लात-घूंसों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी शव को क्रेटा कार की डिग्गी में डालकर लव्वा गांव के पास नदी किनारे फेंक आए। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने 19 मई को हसनपुर मदनपुर पुल से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी पढ़े-लिखे बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ ने बीटेक और बी-फार्मा जैसे प्रोफेशनल कोर्स किए हैं।
पूछताछ में सामने आया कि हर्ष और अंकित चौहान ने धरोहर होटल लीज पर लिया हुआ था, जबकि अर्पित और ऋषि भी होटल संचालन में मदद करते थे। घटना की रात हर्ष अपनी पत्नी को छोड़ने सीतापुर गया था, लेकिन झगड़े की सूचना मिलते ही वापस होटल पहुंच गया और फिर सभी ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडे, मृतक का मोबाइल फोन, शव ले जाने में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए हैं। वहीं पुलिस अब मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ चौहान पुत्र संजय कुमार निवासी खुब्बनपुर थाना भगवानपुर, अंकित कुमार पुत्र संतोष कुमार निवासी खुब्बनपुर, हर्ष पुत्र प्रवीण चौहान निवासी खुब्बनपुर, अनमोल सैनी पुत्र भीष्म सैनी निवासी सलेमपुर राजपुताना थाना गंगनहर तथा विशाल सैनी पुत्र राजेश सैनी निवासी सोना सईद माजरा थाना गागलहेड़ी जनपद सहारनपुर शामिल हैं।
इस पूरे खुलासे में प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी, उपनिरीक्षक सुनील पंत, उपनिरीक्षक पुनीत दनोषी, उपनिरीक्षक आशीष नेगी, उपनिरीक्षक नीरज रावत, अपर उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान, हेड कांस्टेबल गीतम, कांस्टेबल उबैद उल्ला, कांस्टेबल संजय कुमार, कांस्टेबल संजय नेगी, कांस्टेबल रविन्द्र राणा, कांस्टेबल राहुल कुमार, कांस्टेबल विनय थपलियाल, कांस्टेबल वसीम (सीआईयू हरिद्वार), कांस्टेबल महिपाल (सीआईयू रुड़की) तथा रविन्द्र खत्री (सीआईयू रुड़की) की अहम भूमिका रही।



