
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; बदले की आग में वर्षों से जल रहे एक शख्स की खूनी साजिश को हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते नाकाम कर दिया।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान नगर कोतवाली पुलिस ने एक संदिग्ध को दबोचकर उसके कब्जे से दो अवैध 32 बोर पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी वर्ष 2010 में हुई अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हत्यारों की तलाश में था।
एसपी सिटी अभय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 6 सितंबर को नगर कोतवाली पुलिस चित्रकूट घाट क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को देखकर सकपकाए एक संदिग्ध व्यक्ति पर शक हुआ। पुलिस टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया और उसके कंधे पर टंगे बैग की तलाशी ली, जिसमें से दो पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2010 में उसके भाई की हत्या कर दी गई थी और वह तभी से हत्यारों से बदला लेने के लिए मौके की तलाश में था। गैंगवार की आशंका के चलते आरोपी अप्रैल 2026 से हरिद्वार में एक आश्रम को लीज पर लेकर होटल के रूप में व्यापार कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को जानकारी मिली थी कि उसके भाई के हत्यारे जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं और हरिद्वार आने वाले हैं। इसके बाद उसने उन्हें मौत के घाट उतारकर अपने भाई की हत्या का बदला लेने की पूरी तैयारी कर ली थी। हालांकि, इससे पहले कि आरोपी अपने इरादों में कामयाब हो पाता,
हरिद्वार पुलिस ने उसे असलाह सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ कोतवाली नगर हरिद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोज कुमार पुत्र महावीर सिंह, निवासी ग्राम बुडीना कला, थाना तितावी, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, उम्र 45 वर्ष के रूप में हुई।
पुलिस टीम….
प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गोपाल दत्त भट्ट, उपनिरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार, हेड कांस्टेबल प्रदीप पंवार और हेड कांस्टेबल गुलशन नेगी शामिल रहे।



